Tuesday, September 29, 2026
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राजस्थान में पंचायत चुनाव की उल्टी गिनती शुरू: 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए इसी हफ्ते कैसे सामने आएगा पूरा शेड्यूल

राजस्थान में पंचायत चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। 4 चरणों में वोटिंग कराने की तैयारी है। जानिए ईवीएम बनाम मतपत्र का गणित, 50% महिला आरक्षण और सीएम भजनलाल का सियासी संदेश।

जयपुर। राजस्थान के ग्रामीण अंचल की सत्ता यानी पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को लेकर प्रदेश का सियासी पारा चढ़ गया है। राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) ने त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के चुनाव कराने की प्रशासनिक तैयारियाँ पूरी तरह से तेज़ कर दी हैं। पंचायती राज विभाग से मिले वार्ड पुनर्गठन और आरक्षण से जुड़े आँकड़ों की जाँच प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुँच चुकी है।

आयोग से जुड़े सूत्रों की मानें तो चुनावी कार्यक्रम का पूरा खाका तैयार किया जा चुका है और इसी सप्ताह चुनाव की तारीखों का आधिकारिक ऐलान हो सकता है। प्रस्तावित योजना के मुताबिक, इस बार राजस्थान में पंचायत चुनाव 4 अलग-अलग चरणों में संपन्न कराने की संभावना है।

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1.40 लाख से ज़्यादा वार्डों और 14 हज़ार से अधिक सरपंचों का महामुकाबला

प्रदेश के ग्रामीण मतदाताओं के वोटों से इस बार एक विशाल जन-प्रतिनिधिमंडल चुना जाना है। आयोग के आँकड़ों के अनुसार:

  • कुल 1,40,237 वार्ड सदस्यों (पंच) और 14,403 सरपंच पदों के लिए मतदान कराया जाएगा।
  • जिला परिषद: प्रदेश के 1,403 वार्ड सदस्य मिलकर 41 जिला प्रमुखों का चयन करेंगे।
  • पंचायत समिति: 8,245 समिति सदस्य चुनाव जीतकर 457 प्रधानों की ताजपोशी तय करेंगे।

EVM बनाम मतपत्र: जानिए कहाँ कैसे पड़ेंगे वोट?

चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था और निष्पक्षता को ध्यान में रखते हुए मत डालने की अलग-अलग प्रक्रिया तय की है:

  • EVM से चुनाव: जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के पदों के लिए ईवीएम (EVM) मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा।
  • बैलेट पेपर (मतपत्र) से चुनाव: ग्राम पंचायतों के वार्ड पंचों और सरपंचों का चुनाव पार पारंपरिक तरीके से मतपत्रों (Ballot Papers) के ज़रिए मोहर लगाकर होगा।

आधी आबादी का दबदबा: पंचायतों में 50% से अधिक महिला प्रतिनिधि

राजस्थान में पंचायती राज व्यवस्था के तहत महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। इस नियम के चलते इस बार भी राज्य की ग्राम पंचायतों से लेकर जिला परिषदों तक महिला जनप्रतिनिधियों की कुल भागीदारी 50 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर जाएगी।

पंचायती राज संस्थाओं का बदलता गणित (2019 vs 2026)

वर्ष 2019 के मुकाबले 2026 में हुए नए पुनर्गठन के बाद जनप्रतिनिधियों और पदों की संख्या में बड़ा इज़ाफ़ा हुआ है:

संस्था / पदपद का प्रकारवर्ष 2019वर्ष 2026
जिला परिषदजिला प्रमुख3341
जिला परिषदसदस्य1,0141,403
पंचायत समितिप्रधान352457
पंचायत समितिसदस्य6,9958,245
ग्राम पंचायतसरपंच11,32014,403
ग्राम पंचायतपंच (वार्ड सदस्य)1,09,2281,30,589

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मुख्यमंत्री का ‘ट्रिपल इंजन’ दांव: 1,100 करोड़ के विकास कार्यों से साधा ग्रामीण क्षेत्र

आचार संहिता और चुनाव घोषणा से ठीक पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूर्वी राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी ताक़त झोंक दी है। सोमवार को उन्होंने भरतपुर संभाग, अलवर, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्रों को करीब 1,100 करोड़ रुपये के विकास कार्यों (लोकार्पण व शिलान्यास) की सौगात दी।

भरतपुर के बयाना (बिड्यारी) में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम ने हाल ही में संपन्न हुए निकाय चुनावों में पार्टी को मिली जीत का ज़िक्र किया और पंचायत चुनावों में भी ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ (केंद्र, राज्य और स्थानीय निकाय/पंचायत) बनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री के इस तूफ़ानी दौरे ने ग्रामीण क्षेत्र में सड़क, पानी, स्वास्थ्य और बिजली जैसी सौगातों के साथ-साथ पंचायत चुनाव की सियासी बिसात भी बिछा दी है।

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