पुष्कर। राजस्थान के प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय पुष्कर पशु मेले में इस बार कई नए आकर्षण देखने को मिलेंगे। पशुपालन विभाग ने वर्ष 2026 के पशु मेले की प्रतियोगिताओं का कार्यक्रम जारी कर पोस्टर का विमोचन किया है। इस बार पहली बार ऊंट के शृंगार और ऊंटनी के दूध की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके अलावा बकरी, बकरा, नागौरी बैल और घोड़ों की प्रतियोगिताएं भी मेले का आकर्षण रहेंगी।
पहली बार होंगी ऊंट के शृंगार और दूध की प्रतियोगिताएं
पशुपालन विभाग की ओर से इस बार पशु प्रतियोगिताओं में कई नवाचार किए गए हैं। अजमेर और नागौर क्षेत्र की प्रसिद्ध उन्नत नस्ल की बकरियों और बकरों के लिए विशेष प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। वहीं, नागौरी बैलों की प्रतियोगिता भी कराई जाएगी। सबसे खास आकर्षण पहली बार होने वाली ऊंट के शृंगार और ऊंटनी के दूध की प्रतियोगिता होगी। घोड़ों की प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए दो दिन पहले रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा।
सरकार ने तय की पुरस्कार राशि
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. नवीन परिहार ने बताया कि पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार की ओर से प्रतियोगिताओं की पुरस्कार राशि तय की गई है। इसके साथ ही भामाशाह भी पशुपालकों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिताओं को लेकर पशुपालकों में खासा उत्साह है। गोवंश की घटती संख्या को देखते हुए इस बार नागौरी बैल की प्रतियोगिता से शुरुआत की जा रही है, ताकि क्षेत्र में गोवंश की आवक को दोबारा बढ़ावा मिल सके।
पशु मेले में पहुंचने लगे ऊंटों के काफिले
पुष्कर पशु मेले की अनौपचारिक शुरुआत दीपावली के दूसरे दिन से होगी। पुष्कर के पशु मेला मैदान में पशुओं की आवक शुरू हो चुकी है। खासकर बाड़मेर, जैसलमेर, जालौर, जोधपुर और नागौर से ऊंटों के कई काफिले पहुंच गए हैं। विधिवत रूप से अंतरराष्ट्रीय पुष्कर पशु मेला 17 नवंबर से 24 नवंबर 2026 तक आयोजित होगा। इस दौरान पशुओं की विभिन्न प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी।
पशुपालकों के ठहरने के लिए होंगे विशेष इंतजाम
पशु मेले को लेकर जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग व्यापक तैयारियों में जुटे हैं। मेला मैदान में आने वाले पशुपालकों को ठहरने और अन्य सुविधाओं को लेकर किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।



