Wednesday, April 29, 2026
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राजस्थान में फ्री बिजली योजना: बिजली बिल होगा ‘शून्य’, 11 लाख घरों की छत पर सरकार खुद लगाएगी सोलर पैनल!

राजस्थान में 150 यूनिट फ्री बिजली के लिए नया मास्टरप्लान! प्रदेश के 11 लाख घरों पर डिस्कॉम मुफ्त सोलर पैनल लगाएगा। पहले चरण में 3 लाख घरों को मंजूरी मिल गई है। बिना किसी निवेश के अब आपका बिजली बिल होगा शून्य और बिजली बचाने पर मिलेगा नकद रिवॉर्ड। पूरी योजना की जानकारी यहां पढ़ें।

जयपुर। राजस्थान के मध्यम और निम्न आय वर्ग के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश की भजनलाल सरकार ने राज्य में 150 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने के अपने वादे को पूरा करने के लिए एक क्रांतिकारी ‘सोलर मॉडल’ तैयार किया है। इस योजना के तहत प्रदेश के 11 लाख घरों की छतों पर बिजली वितरण कंपनियां (डिस्कॉम्स) खुद सोलर पैनल लगाएंगी, जिससे उपभोक्ताओं का बिजली बिल पूरी तरह ‘जीरो’ हो जाएगा।

उपभोक्ताओं को नहीं देना होगा एक भी पैसा

आमतौर पर सोलर पैनल लगवाने के लिए हजारों रुपए खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन इस विशेष योजना में उपभोक्ताओं को अपनी जेब से कोई राशि नहीं देनी होगी। योजना का पूरा खर्च केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करेंगी। प्रति सोलर पैनल की अनुमानित लागत 50,000 रुपए आंकी गई है, जिसमें से 33,000 रुपए केंद्र सरकार की सब्सिडी होगी और शेष 17,000 रुपए राज्य सरकार वहन करेगी।

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पहले चरण में 3 लाख घरों को मिलेगा लाभ

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने पहले चरण में 3 लाख उपभोक्ताओं के घरों पर 1.1 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल लगाने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस चरण पर करीब 1300 से 1500 करोड़ रुपए खर्च होंगे। पूरी योजना के तहत कुल 11 लाख घरों को कवर किया जाएगा, जिसकी कुल लागत 6655 करोड़ रुपए अनुमानित है।

कैसे होगा बिजली बिल ‘शून्य’?

विशेषज्ञों के अनुसार, 1.1 किलोवाट का सोलर पैनल प्रतिदिन औसतन 4.4 से 5 यूनिट बिजली का उत्पादन करता है। इस हिसाब से महीने भर में लगभग 132 से 150 यूनिट बिजली पैदा होगी। चूंकि योजना का लाभ उन्हीं को मिलेगा जिनकी मासिक खपत 150 यूनिट से कम है, इसलिए उनकी पूरी जरूरत सोलर से पूरी हो जाएगी और सरकारी ग्रिड से आने वाली बिजली का बिल ‘शून्य’ हो जाएगा।

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बिजली बचाने पर मिलेगा ‘नकद इनाम’

सरकार ने इस योजना में एक दिलचस्प ‘इन्सेंटिव मॉडल’ भी जोड़ा है। अगर कोई उपभोक्ता सोलर पैनल लगने के बाद बिजली की बचत करता है, तो उसे 1 रुपए प्रति यूनिट का प्रोत्साहन (Incentive) दिया जाएगा। यह राशि उपभोक्ता के मीटर चार्ज में से कम कर दी जाएगी (अधिकतम 75 रुपए)।

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर का बयान

योजना पर खुशी जताते हुए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा, ‘हम बिजली की लागत कम करने और डिस्कॉम्स की स्थिति सुधारने की दिशा में काम कर रहे हैं। केंद्र सरकार की सहमति से जरूरतमंद उपभोक्ताओं को स्थाई लाभ मिलेगा और राजस्थान ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा।’

ग्रिड पर घटेगा दबाव

ऊर्जा विशेषज्ञ डी.डी. अग्रवाल के अनुसार, इस मॉडल से न केवल बिल कम होंगे, बल्कि ग्रिड पर बिजली का दबाव भी घटेगा। जब हर घर अपनी जरूरत की बिजली खुद पैदा करेगा, तो बिजली कटौती की समस्या से भी निजात मिलेगी।

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