Jaipur Noorani Masjid : जयपुर। राजधानी जयपुर में अतिक्रमण हटाने के अभियान के तहत सोमवार को मालवीय नगर स्थित 45 वर्ष पुरानी नूरानी मस्जिद को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए करीब 3,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। वहीं, एहतियातन पूरे इलाके में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित कर दी गईं।
जानकारी के अनुसार, नूरानी मस्जिद का निर्माण वर्ष 1981 में हुआ था। हालांकि, जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने इसे सरकारी भूमि पर बना अवैध निर्माण बताते हुए नोटिस जारी किया था। प्रशासन का कहना है कि जिस स्थान पर मस्जिद बनी हुई थी, वहां सड़क चौड़ीकरण परियोजना का कार्य प्रस्तावित है, जिसके तहत यह कार्रवाई की गई।
बताया जा रहा है कि मस्जिद लगभग 391 वर्ग गज भूमि पर निर्मित थी। मस्जिद कमेटी के अनुसार, उन्हें 5 मई को नोटिस मिला था, जिसमें 8 जून को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जानकारी दी गई थी। कमेटी ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए दावा किया कि उन्हें अपना पक्ष रखने और वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। वहीं, जेडीए अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित पक्ष को खू नागौरिया क्षेत्र में लगभग 1,100 वर्ग गज वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है, ताकि धार्मिक गतिविधियों को किसी अन्य स्थान पर संचालित किया जा सके।
अधिकारियों के मुताबिक, सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत कुल 143 संपत्तियों को नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से 134 संपत्तियों पर 22 मई को ही कार्रवाई पूरी कर ली गई थी। शेष नौ संपत्तियों पर सोमवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई, जिनमें नूरानी मस्जिद भी शामिल थी। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती। हाल के दिनों में अन्य राज्यों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाइयों के दौरान हुए विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए जयपुर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।



