जयपुर। राजधानी जयपुर के चित्रकूट स्टेडियम में आयोजित महिला अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान फर्जी प्रवेश पत्र के सहारे परीक्षा में शामिल होने की कोशिश कर रही एक महिला अभ्यर्थी को पकड़ लिया गया। जांच के दौरान प्रवेश पत्र में छेड़छाड़ और कूट रचना का मामला सामने आने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, महिला अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा था। इसी दौरान एक महिला अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत प्रवेश पत्र संदिग्ध प्रतीत हुआ। अधिकारियों ने गहन जांच की तो पता चला कि लिखित परीक्षा के मूल प्रवेश पत्र में एडिटिंग कर नया कूट रचित प्रवेश पत्र तैयार किया गया था, जिसके आधार पर परीक्षा में प्रवेश का प्रयास किया जा रहा था।
पूछताछ के बाद आरोपी महिला की पहचान मोहिता के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उसने दस्तावेजों में बदलाव कर फर्जी प्रवेश पत्र तैयार किया था। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी प्रवेश पत्र तथा आधार कार्ड की छायाप्रति जब्त कर ली है। जब्त दस्तावेजों को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। अब यह भी पता लगाया जा रहा है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किसी अन्य व्यक्ति या गिरोह की भूमिका तो नहीं है।
इस संबंध में चित्रकूट थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 336(3), 337, 339 और 340(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2022 की धारा 3, 7 और 10 के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
मामले की जांच एडीसीपी सिकाऊ वेस्ट मनराज को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की हर पहलू से जांच की जाएगी। यदि दस्तावेजों की फर्जीवाड़े में किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और दस्तावेज सत्यापन को और अधिक सख्त किया गया है। किसी भी अभ्यर्थी द्वारा फर्जी दस्तावेजों या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने पर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।



