जयपुर। राजस्थान में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। प्रदेश में आने वाले धनतेरस पर्व को ध्यान में रखते हुए आयोग ने पंचायत चुनावों के मतदान कार्यक्रम में संशोधन किया है। नए आदेश के मुताबिक, शुरुआती तीनों चरणों के चुनाव अब अपनी तय तारीख से ठीक एक दिन पहले संपन्न कराए जाएंगे। हालांकि, चौथे चरण के मतदान की तारीख में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है, और वह अपने निर्धारित समय पर ही होगा।
संशोधित मतदान कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा:
- पहला चरण:
- जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान अब 23 अक्टूबर के बजाय 22 अक्टूबर को होगा।
- वार्ड पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान 25 अक्टूबर के बजाय 24 अक्टूबर को कराया जाएगा।
- दूसरा चरण:
- जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान अब 29 अक्टूबर के बजाय 28 अक्टूबर को तय किया गया है।
- वार्ड पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान 31 अक्टूबर के बजाय 30 अक्टूबर को होगा।
- तीसरा चरण:
- जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान 4 नवंबर के बजाय 3 नवंबर को होगा।
- वार्ड पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान 6 नवंबर से बदलकर 5 नवंबर कर दिया गया है।
यह खबर भी पढ़ें:-सहायक निदेशक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी भर्ती परीक्षा: 3 दिन पूर्व होंगे प्रवेश-पत्र अपलोड, जानिए जरूरी दिशा-निर्देश
त्योहार को लेकर लिया गया फैसला
राज्य निर्वाचन आयोग ने यह साफ किया है कि यह फेरबदल पूरी तरह से धनतेरस पर्व को देखते हुए किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि त्योहार के पावन अवसर पर आम मतदाताओं और चुनाव ड्यूटी में तैनात रहने वाले प्रशासनिक कर्मचारियों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
वहीं, चौथे चरण के चुनाव कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इस संशोधन के बाद अब जिला प्रशासन और संबंधित चुनाव अधिकारियों को बदली हुई तारीखों के अनुसार ही अपनी सभी तैयारियां पुख्ता करनी होंगी।



