TMC Political Crisis: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी अंदरूनी कलह अब संसद तक पहुंच गई है. पार्टी की वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया है कि तृणमूल कांग्रेस के करीब 20 सांसदों ने केंद्र की सत्तारूढ़ NDA (राजग) का समर्थन करने का फैसला किया है. काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि इस संबंध में सांसदों की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को औपचारिक पत्र लिखा है.
विधानसभा से संसद तक पहुंची बगावत
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में पश्चिम बंगाल विधानसभा में भी तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा था. पार्टी के 80 में से 58 विधायकों ने नेतृत्व के फैसले का विरोध करते हुए निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना था. अब संसदीय दल में भी असंतोष खुलकर सामने आने से पार्टी नेतृत्व पर दबाव बढ़ गया है. सूत्रों के अनुसार, बागी सांसद तत्काल पार्टी छोड़ने या भाजपा में शामिल होने के बजाय अलग संसदीय समूह के रूप में राजग (NDA) का समर्थन करना चाहते हैं.
दलबदल कानून से बचने की रणनीति
सूत्रों का कहना है कि बागी सांसदों की रणनीति दलबदल विरोधी कानून के तहत सुरक्षा हासिल करने की है. लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के वर्तमान में 28 सांसद हैं. इनमें से 20 सांसदों का समर्थन दो-तिहाई बहुमत की सीमा से अधिक है, जिससे अलग गुट के रूप में मान्यता मिलने की संभावना मजबूत हो सकती है.
दिल्ली में थीं ममता बनर्जी
यह राजनीतिक घटनाक्रम उस समय सामने आया जब ममता बनर्जी विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली में मौजूद थीं. वहीं, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी राजधानी में डेरा डाले हुए हैं.
राष्ट्रीय राजनीति पर पड़ सकता है असर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि सांसदों का यह दावा औपचारिक रूप लेता है, तो इसका असर केवल तृणमूल कांग्रेस तक सीमित नहीं रहेगा. इससे विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की एकजुटता पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं और राष्ट्रीय राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं. हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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