Tuesday, April 21, 2026
HomeIndiaPM Modi का राष्ट्र के नाम संबोधन: महिला आरक्षण बिल पर 'सदन...

PM Modi का राष्ट्र के नाम संबोधन: महिला आरक्षण बिल पर ‘सदन की हार’ के बाद देश की महिलाओं से मांगी माफी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार रात 8:30 बजे राष्ट्र को संबोधित करते हुए 'नारी शक्ति वंदन संशोधन' बिल के संसद में पारित न हो पाने पर देश की महिलाओं से माफी मांगी। पीएम ने इसे एक ऐतिहासिक अवसर की हानि बताते हुए कहा कि उनका लक्ष्य 2029 तक महिलाओं को उनका अधिकार दिलाना था। संबोधन के दौरान उन्होंने कांग्रेस, सपा और टीएमसी जैसे विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया और उन्हें विकास विरोधी करार दिया।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने रविवार रात 8:30 बजे राष्ट्र को संबोधित किया। लगभग 25 मिनट के इस विशेष संबोधन में पीएम मोदी का अंदाज काफी गंभीर और हमलावर रहा। संसद में ‘नारी शक्ति वंदन संशोधन’ (महिला आरक्षण बिल) के गिर जाने को प्रधानमंत्री ने लोकतंत्र के लिए एक दुखद दिन बताया और इस विफलता की जिम्मेदारी लेते हुए देश की करोड़ों महिलाओं से माफी मांगी।

संबोधन की बड़ी बात: किसानों के बाद अब महिलाओं से माफी

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत काफी भावुकता के साथ की। उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी सरकार महिलाओं को उनका वाजिब हक दिलाने के प्रयास में सफल नहीं हो पाई।

ऐतिहासिक संदर्भ: यह प्रधानमंत्री के कार्यकाल का दूसरा बड़ा मौका है जब उन्होंने किसी विफलता या फैसले पर झुककर माफी मांगी है। इससे पहले नवंबर 2021 में उन्होंने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेते समय देश के किसानों से माफी मांगी थी।

पीएम का बयान: ‘मैं आज देश की माताओं, बहनों और बेटियों से सिर झुकाकर माफी मांगता हूं। हम ईमानदारी से आपके हक की लड़ाई लड़ रहे थे, लेकिन सदन में कुछ राजनीतिक दलों के नकारात्मक रवैये ने इस ऐतिहासिक बदलाव को रोक दिया।’

यह खबर भी पढ़ें:-महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो पाया, विपक्ष और समर्थन के बीच नहीं बनी बात

‘नारी शक्ति वंदन संशोधन’ और 2029 का लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह संशोधन किसी का हक मारने के लिए नहीं, बल्कि समावेशी विकास के लिए लाया गया था।
मकसद: इस बिल का मुख्य उद्देश्य विधायी निकायों (लोकसभा और विधानसभाओं) में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित करना था।
लक्ष्य: पीएम ने कहा कि सरकार की योजना थी कि इस कानून का लाभ देश की महिलाओं को 2029 के लोकसभा चुनाव तक मिलना शुरू हो जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने तकनीकी अड़ंगे डालकर एक पूरी पीढ़ी को इस अधिकार से वंचित कर दिया है।

विपक्ष पर चौतरफा हमला: ‘भ्रम फैलाकर गुमराह किया’

संबोधन का बड़ा हिस्सा विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर केंद्रित रहा। पीएम मोदी ने सीधा हमला बोलते हुए कहा:
कांग्रेस और क्षेत्रीय दल: पीएम ने कांग्रेस, सपा (SP), टीएमसी (TMC) और डीएमके (DMK) पर आरोप लगाया कि इन्होंने सालों तक महिलाओं के अधिकारों को सिर्फ अपनी वोट बैंक की राजनीति के लिए लटकाए रखा।
ऐतिहासिक अवसर गंवाया: पीएम ने कहा, ‘मुझे उम्मीद थी कि पुरानी गलतियों को सुधारते हुए कांग्रेस इस बार महिलाओं के पक्ष में खड़ी होगी, लेकिन उन्होंने एक बार फिर अपनी ‘एंटी-रिफॉर्म’ (सुधार विरोधी) छवि को पुख्ता कर दिया है।’
कमजोर कांग्रेस: मोदी ने यह भी कहा कि कांग्रेस अब इतनी कमजोर हो गई है कि वह क्षेत्रीय दलों की पिछलग्गू बनकर रह गई है और वह नहीं चाहती कि देश में कोई नया नेतृत्व उभरे।

यह खबर भी पढ़ें:-दोहरी नागरिकता मामले में राहुल गांधी को बड़ा झटका, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिए FIR दर्ज करने के आदेश

महिलाओं को सीधी चेतावनी: ‘नजर रख रही है देश की नारी’

प्रधानमंत्री ने विरोध करने वाले दलों को आगाह करते हुए कहा कि आज की महिलाएं चुप नहीं बैठेंगी। उन्होंने कहा, ‘आज की नारी शक्ति जागरूक है, वह शिक्षित है और वह हर उस नेता और दल की मंशा को समझती है जो उनके विकास के रास्ते में दीवार बनकर खड़ा है। महिलाओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ करने वालों को आने वाले समय में जनता के दरबार में इसका परिणाम भुगतना होगा।’

यह संबोधन स्पष्ट रूप से आगामी चुनावी राजनीति की दिशा तय करने वाला है। पीएम मोदी ने खुद को महिलाओं का सबसे बड़ा हितैषी बताते हुए बिल की विफलता का पूरा दोष विपक्ष पर मढ़ दिया है, जिससे आने वाले दिनों में सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक राजनीतिक पारा चढ़ना तय है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular