तेहरान/वॉशिंगटन। मध्य-पूर्व (Middle East) में तनाव एक नए चरम पर पहुँच गया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि उसे अमेरिका पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं है और युद्ध जैसे हालात कभी भी बिगड़ सकते हैं। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान के जहाजों को ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Hormuz Strait) से गुजरने से रोका गया, तो वे किसी भी अन्य देश के जहाज को वहां से नहीं निकलने देंगे।
ईरानी स्पीकर का सख्त रुख
गालिबाफ ने अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी को एक ‘लापरवाह फैसला’ करार दिया। उन्होंने कहा, “होर्मुज में माइन-क्लियरिंग (समुद्री बारूद हटाना) जैसी किसी भी कार्रवाई को हम सीजफायर का उल्लंघन मानेंगे और उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।” हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन इसे उसकी कमजोरी न समझा जाए।
यह खबर भी पढ़ें:-ईरान में आसिम मुनीर की बड़ी कूटनीति, शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए संवाद और सहयोग पर जोर
पिछले 24 घंटों के 5 बड़े घटनाक्रम
- भारतीय जहाजों पर फायरिंग: होर्मुज क्षेत्र में तनाव के बीच ईरान ने दो भारतीय जहाजों पर फायरिंग की। इस दौरान 14 जहाजों को रोका गया, जिनमें से 13 वापस लौट आए हैं। भारत ने इस घटना पर ईरानी राजदूत को तलब कर सख्त विरोध दर्ज कराया है।
- होर्मुज स्ट्रेट फिर बंद: ईरान ने अमेरिका पर सीजफायर के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को फिर से बंद कर दिया है।
- अमेरिका ने खोला तेल भंडार: वैश्विक तेल संकट को देखते हुए राष्ट्रपति ट्रम्प ने अमेरिकी इमरजेंसी रिजर्व से 2.6 करोड़ बैरल तेल जारी करने का आदेश दिया है।
- पाक में हो सकती है बातचीत: सूत्रों के अनुसार, सोमवार को पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच अगले दौर की बातचीत हो सकती है।
- ट्रम्प की चेतावनी: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि जब तक कोई ठोस ‘डील’ नहीं हो जाती, तब तक ईरान पर नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी।
इजराइल-लेबनान सीमा पर तनाव बरकरार
हिजबुल्लाह का दावा: हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने 10 दिन के सीजफायर को अपनी ‘ऐतिहासिक जीत’ बताया है। हालांकि, इजराइल ने स्पष्ट किया है कि उसकी सेना दक्षिण लेबनान में तैनात रहेगी और वहां एक ‘बफर जोन’ बनाएगी।
इजराइली सैनिक की मौत: दक्षिणी लेबनान में इंजीनियरिंग ऑपरेशन के दौरान हिजबुल्लाह के लैंडमाइन धमाके में एक इजराइली रिजर्व सैनिक की मौत हो गई और 9 अन्य घायल हो गए।
अमेरिका में राजनीतिक घमासान
पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने राष्ट्रपति ट्रम्प पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ट्रम्प को एक ऐसी जंग में खींच लिया है, जिसे अमेरिकी जनता नहीं चाहती। उन्होंने कहा कि इस युद्ध से अमेरिकी सैनिकों की जान जोखिम में डाल दी गई है।
यह खबर भी पढ़ें:-होर्मुज जलडमरूमध्य में फायरिंग के बाद भारत अलर्ट, ईरानी राजदूत को बुलाकर मांगा स्पष्टीकरण, ऊर्जा सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
होर्मुज स्ट्रेट बंद होने का असर दक्षिण एशिया में दिखने लगा है। अपनी 95% ईंधन जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर बांग्लादेश में गहरा संकट पैदा हो गया है। सरकार ने ऊर्जा बचाने के लिए यूनिवर्सिटीज बंद कर दी हैं और ऑफिसों के वर्किंग ऑवर्स घटा दिए हैं।
ईरान की सैन्य ताकत पर रिपोर्ट
अमेरिकी खुफिया एजेंसी (US Intelligence) के आकलन के अनुसार, तमाम हमलों के बावजूद ईरान की सैन्य क्षमता अभी भी काफी मजबूत है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के पास उसकी 70% बैलिस्टिक मिसाइलें, 60% लॉन्चर्स और 40% ड्रोन बेड़ा अब भी सुरक्षित है।



