जयपुर। देशभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी घमासान जारी है। इस बीच राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है, बल्कि कांग्रेस शासनकाल में भी 10 बार यह प्रक्रिया हो चुकी है। उस समय कांग्रेस को लोकतंत्र खतरे में नजर नहीं आया, लेकिन अब 23 साल बाद यही प्रक्रिया हो रही है तो पार्टी सवाल उठा रही है।
’13 करोड़ वोट काटने का आरोप राजनीतिक पाखंड’
मदन राठौड़ ने कांग्रेस के 13 करोड़ वोट काटने के आरोप को झूठा और राजनीतिक पाखंड करार दिया। उन्होंने दावा किया कि इन मतदाताओं में 2.80 करोड़ लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 6.3 करोड़ मतदाता अपना स्थान बदल चुके हैं। इसके अलावा करीब 1 करोड़ मतदाताओं के नाम एक से अधिक जगह दर्ज हैं और 3 करोड़ मतदाताओं के बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस मृतकों और दूसरी जगह जा चुके लोगों के नाम पर भी वोट डलवाना चाहती है? राठौड़ ने स्पष्ट किया कि इन मतदाताओं को चिन्हित किया गया है, उनके नाम काटे नहीं गए हैं।
इंदिरा गांधी के आपातकाल का दिलाया याद
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज लोकतंत्र की बात कर रही है, लेकिन देश को आपातकाल की याद भी रखनी चाहिए। इंदिरा गांधी के शासनकाल में आपातकाल लगाया गया था, अखबारों पर पाबंदियां थीं, नागरिकों के अधिकार निलंबित कर दिए गए थे और विपक्षी नेताओं को जेलों में डाल दिया गया था।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
मदन राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता झूठ फैलाकर देश में अराजकता का माहौल बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के नाम पर राजनीति करने वाली कांग्रेस का रवैया लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। भाजपा इसी के जवाब में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान चला रही है। राठौड़ ने कहा कि लोकतंत्र को खतरा SIR जैसी प्रक्रिया से नहीं, बल्कि कांग्रेस की आपातकाल वाली मानसिकता और राजनीति से है।



