Iran US War: ईरान और अमेरिका में जारी तनाव के बीच तेहरान ने एक नया कूटनीतिक प्रस्ताव दिया है. जिसमें उसने होर्मुज स्टेट को खोलने के लिए तैयार होने की बात कही है, लेकिन साथ ही कुछ शर्तें भी लगा दी हैं. हालांकि ट्रंप प्रशासन इस प्रस्ताव पर सहमत नहीं हैं और इसे उन्होंने शर्तों का जाल बताते हुए मुद्दे से भटकाने की कोशिश करार दिया है.
ईरान के नए प्रस्ताव में क्या ?
ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि यदि अमेरिका उस पर लगे सभी आर्थिक प्रतिबंध और नाकाबंदी हटा देता है, तो वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए पूरी तरह खोल देगा. यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम मार्ग है, इसलिए इसका खुलना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. हालांकि, प्रस्ताव में एक बड़ा पेंच यह है कि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा को फिलहाल स्थगित रखने की शर्त रखी है.
अमेरिका ने क्यों ठुकराया?
अमेरिका का कहना है कि असली चिंता ईरान का परमाणु कार्यक्रम है, और जब तक उस पर ठोस समझौता नहीं होता, तब तक किसी अन्य मुद्दे पर आगे बढ़ना संभव नहीं है. सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक में साफ कर दिया कि परमाणु मुद्दे को दरकिनार कर कोई समझौता नहीं किया जा सकता. वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा, ‘ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाएं किसी भी वार्ता का केंद्र हैं. हम केवल होर्मुज की सुरक्षा के बदले परमाणु खतरे को नजरअंदाज नहीं कर सकते.
ईरान का यह प्रस्ताव एक रणनीतिक दांव
विश्लेषकों का मानना है कि ईरान का यह प्रस्ताव एक रणनीतिक दांव हो सकता है. अगर अमेरिका प्रतिबंध हटा देता है, तो ईरान को आर्थिक राहत मिलेगी और उसका दबाव कम हो जाएगा. वहीं, अमेरिका को डर है कि इससे उसका सबसे बड़ा दबाव वाला हथियार कमजोर पड़ जाएगा. फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े हुए हैं. ऐसे में यह साफ है कि बातचीत आसान नहीं होगी और मध्य पूर्व में तनाव जल्द खत्म होता नजर नहीं आ रहा.
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