संपादक संदीप पाण्डेय
Nagaur Congress Controversy : जयपुर। कांग्रेस ने नागौर के एक हिस्ट्रीशीटर को उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ का जिला अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष तक को इस ‘अध्यक्ष की कुण्डली मालूम नहीं। उन्होंने इसकी आवश्यकता ही नहीं समझी। वो इसलिए भी कि यह काम उन्होंने किसी ‘वरिष्ठ नेता’ के कहने पर किया था। आदेश में कहा गया है कि इससे उद्योग एवं व्यापार से जुड़े मुद्दों पर प्रकोष्ठ की सक्रियता बढ़ेगी पर जिन्हें पद दिया गया है. उनका इससे दूर तक ‘वास्ता’ नहीं है। इस हिस्ट्रीशीटर का एक पुत्र सरपंच तो दूसरा डॉक्टर है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ में नियुक्तियों की गई। प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मुकुल गोयल ने प्रेम रतन रोहिणी को नागौर का जिला अध्यक्ष बना दिया। गोयल ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद डोटासरा से तो इसकी अनुमति ली ही होगी। अव इस नियुक्ति पर नागौर जिले के पार्टी पदाधिकारियों में गहरा रोष है। वो इसलिए भी कि पार्टी के प्रति पूरी तरह समर्पित रहने वाले कार्यकर्ता-पदाधिकारियों को फिर हाशिए पर पटक दिया गया। इससे पहले ब्लॉक ही नहीं जिला अध्यक्ष पद पर हुई नियुक्ति तक में विवाद गहरा गया था। लोग दिल्ली तक शिकायत की तैयारी कर रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी का आभार जताया, कांग्रेस जिला अध्यक्ष को धन्यवाद दिया
जिला अध्यक्ष बनने के बाद आभार जताने से क्यों चूक जाते। प्रेमरतन उर्फ प्रेम सुख ने सोशल मीडिया पर इस पद के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी का आभार जताते हुए नागौर के कांग्रेस जिला अध्यक्ष हनुमान बांगड़ा को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा मुझे दिए गए दायित्व को मेहनत व ईमानदारी से पूरा करने का प्रयास कर पार्टी हित में काम करूंगा।
पार्टी के कार्यकर्ताओं में गहरी नाराजगी
प्रेम रतन उर्फ प्रेम सुख पर करीब आठ आपराधिक मामले दर्ज है। अधिकांश मामले नागौर के कोतवाली और ओवालानी थाने में दर्ज है। समय-समय पर ये शख्स विवादों में रहा। बेटे के सरपंच चुनाव की बात हो या फिर जमीन अथवा अन्य विवाद में, कई मामले दर्न रहे तो कई बार कांग्रेसी नेताओं ने इसे संरक्षण भी दिया। कहा तो यह जाता है कि कही से भी बड़े कांग्रेसी नेता के नागौर आने पर उनकी ‘आवभगत’ का ये फाइनेंस भी करते रहे हैं। ऐसे में आमतौर पर कांग्रेसी आयोजनों से दूर रहने वाले प्रेम रतन उर्फ प्रेम सुख को इस पद पर ‘विराजित’ कर दिया गया। नाराज कांग्रेसियों का कहना है कि सही कार्यकर्ताओं के साथ न्याय ही नहीं हो रहा। ऐसे में पार्टी कैसे मजबूत होगी. कौन ढंग से काम करेगा।
जांच कर एक्शन लेंगे
उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ और प्रदेशाध्यक्ष मुकुल गोयत ने कहा, प्रेम रतन उर्फ प्रेमसुख के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है. किसी वरिष्ठ के कहने पर ही ऐसा किया। वैसे पार्टी की गाइड लाइन है कि आपराधिक छवि वाले को पढ नहीं दिए जाएं। इसकी जांच करवाते है. आपराधिक मामले हुए तो एक्शन लेंगे।
आखिर कौन है वो नेता जिसने प्रेमरतन की सिफारिश की
यह भी सामने आया है कि हिस्ट्रीशीटर प्रेमरतन उर्फ प्रेमसुख को ऊपर के ही आदेश पर अध्यक्ष बनाया गया है। गुस्साए कांग्रेसी कहते हैं कि चलो यह भी ठीक है पर यह जांच तो करा लेते कि वो किस टाइप का कांग्रेसी है। पार्टी अच्छे आचरण वाले लोगों को आगे लाने की कहती है तो ये आपराधिक छवि वालों को कैसे इनाम मिल जाता है। बताया जाता है कि प्रेम रतन को अध्यक्ष बनाने के लिए किसका दबाव उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष पर आपा, अब इसकी खोजबीन की जा रही है।



