Rajasthan Politics: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पिछली सरकार में हुए एक पुराने घटनाक्रम का जिक्र कर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि मैंने कभी कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से मना नहीं किया. अगर सोनिया गांधी और कांग्रेस मुझे अध्यक्ष बनाती, तो क्या मैं मना करूंगा? गहलोत ने कहा कि इसके पीछे एक बड़ी साजिश थी. जिसकी वजह से ऐसा नहीं हो सका.’
उन्होंने कहा, “अगर मैंने हाईकमान के खिलाफ बगावत की होती तो क्या मैं मुख्यमंत्री पद पर बना रह पाता?” गहलोत ने तर्क दिया कि जब पार्टी नेतृत्व मुख्यमंत्री बदलने का फैसला करता है तो अधिकांश विधायक नए नेता के साथ चले जाते हैं, लेकिन उस समय ऐसा नहीं हुआ और कई विधायकों ने इस्तीफे तक दे दिए.
25 सितंबर की घटना पर कही ये बात
गहलोत ने 25 सितंबर 2022 के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि उस दिन जो कुछ हुआ, उसे पार्टी हाईकमान के खिलाफ बगावत बताना गलत है. वो बगावत सचिन पायलट के खिलाफ थी, जिसका नाम मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल था.
#WATCH जयपुर: कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा, "…अगर सोनिया गांधी और कांग्रेस मुझे कांग्रेस अध्यक्ष बनातीं, तो क्या मैं मना करूंगा? मेरे ख्याल से वो एक बड़ी साज़िश थी। अचानक पर्यवेक्षक आ गए। अचानक ये तमाशा हो गया और बदनाम मैं हो गया…लोगों को लगता है कि अशोक गहलोत को… pic.twitter.com/TGAkRmwkIE
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 7, 2026
“सचिन पायलट हमारे दुश्मन नहीं”
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके मन में सचिन पायलट के प्रति कोई दुर्भावना नहीं है. उन्होंने कहा कि पायलट राजनीति में दो दशक पूरे कर चुके हैं और उन्हें परिस्थितियों को समझना चाहिए. गहलोत ने यह भी कहा कि मीडिया और कुछ राजनीतिक हलकों ने पायलट को लेकर कई तरह की अटकलें लगाईं, जिससे उनका नुकसान हुआ. कभी उन्हें प्रधानमंत्री पद का दावेदार बताया गया, कभी कांग्रेस अध्यक्ष तो कभी संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की चर्चाएं होती रहीं.
कांग्रेस अध्यक्ष पद पर पहली बार बोले गहलोत
गहलोत ने कहा कि कांग्रेस जैसी ऐतिहासिक पार्टी, जिसके अध्यक्ष कभी महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पेटल जैसे नेता रहे हों, उसका अध्यक्ष बनने का अवसर कोई भी नेता ठुकराना नहीं चाहेगा. उन्होंने दावा किया कि उस समय जो घटनाक्रम हुआ, वह एक सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा था और आज भी उसकी पूरी सच्चाई सामने नहीं आई है. उनके के अनुसार, लोगों में यह धारणा बना दी गई कि उन्होंने मुख्यमंत्री पद बचाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ दिया, जबकि वास्तविकता कुछ और थी.
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