Friday, May 8, 2026
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तमिलनाडु में सरकार गठन के लिए टीवीके को मिला वाम दलों का समर्थन, विजय फिर राज्यपाल से मिलेंगे

विजय की पार्टी तमिलगा वेट्टरी कज़गम को तमिलनाडु में सरकार बनाने की कोशिशों के बीच भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का समर्थन मिल गया है। टीवीके के पास अब बहुमत के बेहद करीब 116 विधायकों का समर्थन पहुंच चुका है। वाम दलों ने कहा कि भाजपा को “पिछले दरवाजे” से सत्ता में आने से रोकने के लिए यह फैसला लिया गया। वहीं कांग्रेस पहले ही विजय को समर्थन दे चुकी है।

Vijay Tamil Nadu Politics : चेन्नई। विजय की पार्टी तमिलगा वेट्टरी कज़गम तमिलनाडु में सरकार बनाने के बेहद करीब पहुंच गई है। शुक्रवार को राज्य की दोनों प्रमुख वामपंथी पार्टियों – कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया – ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। वाम दलों के इस फैसले के बाद तमिलनाडु की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है। टीवीके पहले ही विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी है और अब उसे बहुमत के जादुई आंकड़े 118 तक पहुंचने के लिए जरूरी समर्थन तेजी से मिलता दिखाई दे रहा है। माकपा और भाकपा नेताओं ने साफ कहा कि उनका यह फैसला भाजपा को तमिलनाडु में “पिछले दरवाजे से सत्ता में आने” से रोकने के लिए लिया गया है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य के अधिकारों और वैचारिक मुद्दों पर वे द्रमुक गठबंधन के साथ बने रहेंगे।

टीवीके को मिला वाम दलों का समर्थन

वाम दलों ने घोषणा की कि वे टीवीके मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं बनेंगे। भाकपा और माकपा, दोनों के दो-दो विधायक हैं। उन्होंने दिनभर की चर्चा के बाद अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी को अपना समर्थन देने की घोषणा की। उनके समर्थन के साथ, टीवीके प्रमुख आज बाद में तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात करेंगे और सरकार बनाने के अपने दावे को दोहराएंगे। तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की 108 सीटें हैं, लेकिन यह बहुमत के आंकड़े से 10 कम है।

टीवीके ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के सहयोगी दलों माकपा, भाकपा और विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) से संपर्क किया था तथा 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बाद सरकार बनाने के लिए उनका समर्थन मांगा था। भाकपा, माकपा और वीसीके, प्रत्येक के दो-दो विधायक हैं। एक ओर जहां भाकपा ने शुरुआत में तमिलनाडु के राज्यपाल को टीवीके को समर्थन देने के अपने फैसले की सूचना दी, वहीं माकपा ने भी कुछ ही समय बाद अपने सहयोगी दल का अनुसरण किया, जिससे विजय की पार्टी साधारण बहुमत के काफी करीब पहुंच गई। वाम दलों ने राज्यपाल को संबोधित पत्र में टीवीके को अपना समर्थन देने की जानकारी दी। पांच विधायकों वाली कांग्रेस ने पहले ही टीवीके को समर्थन दे दिया है।

विजय को अपनी जीती हुई दो सीटों में से एक को छोड़ना होगा

विधानसभा चुनावों में टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, पार्टी संस्थापक विजय को अपनी जीती हुई दो सीटों में से एक को छोड़ना होगा। विजय को चेन्नई के पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व सीटों में से एक को छोड़ना पड़ेगा। उनके ऐसा करने की स्थिति में टीवीके और उसका समर्थन कर रहे विधायकों की कुल संख्या अब 116 हो गई है। ऐसे में, विजय को अपनी पहली सरकार बनाने के लिए अब दो और विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है और दो विधायकों वाली वीसीके इस संबंध में शनिवार को अपना रुख सार्वजनिक करने वाली है। इस बात की प्रबल संभावना है कि वह वामपंथी दलों का अनुसरण कर सकती है। इस बीच, एक आधिकारिक सूत्र के अनुसार, विजय शुक्रवार शाम को राज्यपाल आर्लेकर से सरकार गठन के संबंध में मुलाकात करेंगे।

सरकार बनाने के दावे को लेकर राज्यपाल के साथ यह उनकी तीन दिनों में तीसरी मुलाकात होगी। टीवीके के एक सूत्र ने बताया कि राज्यपाल के साथ बैठक के दौरान विजय संभवत: सरकार बनाने के अपने दावे को दोहराएंगे। माकपा के प्रदेश सचिव पी. शनमुगम और भाकपा के प्रदेश सचिव एम. वीरपांडियन ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में, टीवीके को बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा की। शनमुगम ने कहा कि टीवीके को समर्थन देने का निर्णय भाजपा के तमिलनाडु में ‘‘पिछले दरवाजे से प्रवेश’’ को रोकने के लिए लिया गया है। इसका उद्देश्य भाजपा के चुनाव हारने के बावजूद राज्यपाल के माध्यम से राज्य पर शासन करने के प्रयास को रोकना है। उन्होंने कहा, अगर 10 दिनों के भीतर सरकार का गठन नहीं हुआ, तो राज्यपाल शासन लागू करना पड़ सकता है। राज्य के अधिकारों की रक्षा के मामले में वामपंथी दल द्रमुक के साथ गठबंधन में बने रहेंगे।

भाकपा, माकपा और वीसीके ने द्रमुक के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन (एसपीए) के घटक के तौर पर चुनाव लड़ा था। माकपा नेता शनमुगम ने भविष्य में होने वाले चुनावों में वामपंथी पार्टियां किस दल के साथ चुनावी गठबंधन करेंगी, इससे संबंधित सवालों के जवाब देने से इनकार कर दिया। इस बीच, वीसीके ने कहा कि वह टीवीके को समर्थन देने के मुद्दे पर चर्चा के लिए शुक्रवार शाम डिजिटल माध्यम से एक बैठक करेगी। उन्होंने कहा, मैं कल (शनिवार) सुबह औपचारिक रूप से प्रेस को संबोधित करके अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट करूंगा।

वीसीके के संस्थापक थोल थिरुमावलवन ने कहा कि पार्टी की उच्च स्तरीय समिति तमिलनाडु में मौजूदा ‘‘राजनीतिक स्थिति’’ पर चर्चा और सरकार गठन के संबंध में पार्टी की भविष्य की रणनीति पर निर्णय लेने के लिए शुक्रवार शाम वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक करेगी। उनसे जब अन्नाद्रमुक के नेतृत्व में सरकार गठन की पहल में, वीसीके के समर्थन की संभावना के बारे में पूछा गया, तो थिरुमावलवन ने सीधे जवाब देने से इनकार कर दिया और ऐसे परिदृश्यों को ‘‘काल्पनिक’’ बताया।इस बीच, कांग्रेस ने टीवीके प्रमुख विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं किये जाने के विरोध में राज्यपाल के खिलाफ प्रदर्शन किया। तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के. सेल्वपेरुंथगई, तमिलनाडु और पुडुचेरी के पार्टी प्रभारी गिरीश चोडणकर और पार्टी कार्यकर्ताओं ने यहां इस प्रदर्शन में भाग लिया।

Mukesh Kumar
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