Wednesday, June 17, 2026
HomeIndiaभारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता 15 जुलाई से लागू, निर्यातकों के लिए खुलेंगे...

भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता 15 जुलाई से लागू, निर्यातकों के लिए खुलेंगे नए अवसर

नई दिल्ली: भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) अब 15 जुलाई 2026 से प्रभावी होने जा रहा है। स्टील आयात कोटे को लेकर दोनों देशों के बीच जारी मतभेद सुलझने के बाद इस समझौते के लागू होने का रास्ता साफ हो गया है। इस कदम से भारतीय निर्यातकों को ब्रिटेन के बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी और दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

यह व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA) हाल ही में फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की बैठक के बाद औपचारिक रूप से घोषित किया गया था। विशेषज्ञों के अनुसार, समझौते से भारत के टेक्सटाइल, फुटवियर, जेम्स एंड ज्वैलरी, कृषि उत्पाद, समुद्री उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान और प्रोसेस्ड फूड जैसे क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलेगा। ब्रिटेन द्वारा अधिकांश उत्पादों पर शुल्क में कटौती या समाप्ति किए जाने से भारतीय कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।

ब्रिटिश हाई कमीशन के अनुसार, इस समझौते से आने वाले वर्षों में दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को उल्लेखनीय बढ़ावा मिलेगा। अनुमान है कि द्विपक्षीय व्यापार में प्रतिवर्ष अरबों पाउंड की वृद्धि होगी, जबकि दोनों देशों की जीडीपी पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। व्यापार समझौते के साथ-साथ एक सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था भी लागू की जाएगी, जिसे ‘डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन’ कहा गया है। इसके तहत सीमित अवधि के लिए दूसरे देश में काम करने वाले पेशेवरों को दोहरी सामाजिक सुरक्षा अंशदान की बाध्यता से राहत मिलेगी। साथ ही, कर्मचारियों के अपने मूल देश की पेंशन व्यवस्था में बने रहने की अवधि 36 महीने से बढ़ाकर 60 महीने कर दी गई है। दूसरी ओर, ब्रिटिश निर्यातकों को भी लाभ मिलेगा।

भारत में स्कॉच व्हिस्की पर आयात शुल्क में बड़ी कमी की जाएगी, जबकि निर्धारित कोटे के तहत ऑटोमोबाइल पर लगने वाले शुल्क में भी उल्लेखनीय कटौती होगी। कॉस्मेटिक उत्पादों पर शुल्क को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की योजना है। गौरतलब है कि हाल के सप्ताहों में स्टील आयात नियमों को लेकर विवाद पैदा हो गया था, जिससे समझौते के क्रियान्वयन पर अनिश्चितता छा गई थी। हालांकि, दोनों देशों के बीच हुई गहन वार्ताओं के बाद समाधान निकल आया और अब 15 जुलाई से समझौता लागू होने के लिए पूरी तरह तैयार है। इससे भारत-यूके व्यापार संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

× Popup Image