Thursday, June 18, 2026
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‘शिक्षा प्रणाली ‘सेलेक्शन’ की नहीं बल्कि ‘रिजेक्शन’ की व्यवस्था बन चुकी है’, राहुल गांधी ने एजुकेशन सिस्टम पर उठाए सवाल

Rahul Gandhi Chhatron Ki Goonj: राहुल गांधी ने कोटा में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था की आलोचना करते हुए कहा कि यह "सेलेक्शन" नहीं बल्कि "रिजेक्शन" की प्रणाली बन गई है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा व्यवस्था छात्रों पर मानसिक और आर्थिक बोझ बढ़ा रही है तथा प्रतिभा को निखारने के बजाय दबा रही है।

Rahul Gandhi Chhatron Ki Goonj: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान के कोटा में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में देश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत की मौजूदा शिक्षा प्रणाली छात्रों को आगे बढ़ाने के बजाय उन्हें दबाती और कुचलती है. राहुल गांधी ने दावा किया कि यह व्यवस्था प्रतिभा को निखारने की बजाय छात्रों को तनाव, आर्थिक बोझ और अनिश्चितता की ओर धकेल रही है.

कोटा के ओपन थिएटर में आयोजित इस संवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए. राहुल गांधी ने कहा कि यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के युवाओं और उनके भविष्य से जुड़ा संवाद है. उन्होंने छात्रों से सीधे बातचीत करते हुए शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत पर जोर दिया.

‘शिक्षा प्रणाली “सेलेक्शन” की नहीं बल्कि “रिजेक्शन” की व्यवस्था बन गई’

राहुल गांधी ने कहा कि देश की शिक्षा प्रणाली “सेलेक्शन” की नहीं बल्कि “रिजेक्शन” की व्यवस्था बन गई है। लाखों छात्र इंजीनियरिंग, मेडिकल, यूपीएससी, रेलवे और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों का समय और परिवार की बड़ी पूंजी खर्च कर देते हैं, लेकिन सफलता बहुत कम लोगों को मिलती है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के कारण छात्रों पर मानसिक दबाव लगातार बढ़ रहा है और कई युवा निराशा का सामना कर रहे हैं।

‘शिक्षा व्यवस्था एक तरह की “शोषण मशीन” बन चुकी है’

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि शिक्षा व्यवस्था एक तरह की “शोषण मशीन” बन चुकी है, जो छात्रों और उनके परिवारों से भारी रकम वसूलती है. उन्होंने कहा कि केवल नीट परीक्षा की तैयारी में ही छात्र और उनके परिवार मिलकर इतनी राशि खर्च करते हैं, जो केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के बजट के बराबर है. वहीं पांच प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं पर होने वाला कुल खर्च कई मंत्रालयों के संयुक्त बजट के बराबर पहुंच जाता है.

‘शिक्षा प्रणाली ऐसी हो जो छात्रों को बड़े सपने देखने और पूरे करने का अवसर दे’

राहुल गांधी ने कहा कि देश में युवाओं को केवल कुछ चुनिंदा करियर विकल्पों की ओर धकेला जाता है, जबकि अन्य क्षेत्रों में अवसरों और प्रोत्साहन की कमी है. उन्होंने शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों की मांग करते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था विकसित करनी होगी जो हर छात्र को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का अवसर दे.

‘हर 100 इंजीनियरों में से लगभग 80 बेरोजगार’

गांधी ने दावा किया कि हर 100 इंजीनियरों में से लगभग 80 बेरोजगार हैं. कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और उनके अभिभावकों से भी बातचीत की. उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास कराना नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मविश्वासी, सक्षम और रोजगार योग्य बनाना होना चाहिए.

उन्होंने युवाओं से इस अभियान से जुड़ने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाव देने की अपील की. राहुल गांधी ने कहा कि कोटा से शुरू हुआ यह संवाद देशभर में जारी रहेगा और आने वाले समय में इलाहाबाद, पटना और दिल्ली में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.

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Premanshu Chaturvedi
Premanshu Chaturvedihttp://jagoindiajago.news
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