जयपुर। राजस्थान के टोंक जिले में पंचायत राज चुनाव के प्रचार के दौरान ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और देवली-उनियारा विधायक राजेंद्र गुर्जर को ग्रामीणों की नाराजगी का सामना करना पड़ा। देवली क्षेत्र के नासिरदा में जनसंपर्क के दौरान लोगों ने हिसामपुर से बघेरा तक की जर्जर सड़क का मुद्दा उठाते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों ने साफ कहा कि यदि सड़क का निर्माण नहीं हुआ, तो वे भाजपा को वोट नहीं देंगे। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हो रहा है।
यह खबर भी पढ़ें:-गांवों में खुलेंगे अटल ज्ञान केंद्र, हर पंचायत में खेल मैदान बनाने का लक्ष्य: मदन राठौड़
सड़क की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने जताया विरोध
जानकारी के अनुसार, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, देवली-उनियारा विधायक राजेंद्र गुर्जर और पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया नासिरदा क्षेत्र में जिला परिषद सदस्य पद के उम्मीदवार हंसराज नागर के कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान नेताओं ने ग्रामीणों से जनसंपर्क भी किया।
इसी दौरान ग्रामीणों ने हिसामपुर से बघेरा तक जाने वाली सड़क की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाया। लोगों का कहना था कि सड़क लंबे समय से क्षतिग्रस्त है और जगह-जगह गड्ढे होने के कारण आवागमन में परेशानी होती है।
ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सरकार को सत्ता में आए ढाई साल हो चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने नेताओं से सड़क निर्माण की मांग करते हुए कहा कि जब तक सड़क नहीं बनेगी, तब तक वे भाजपा को वोट नहीं देंगे।
मंत्री और विधायक ने दिया आश्वासन
ग्रामीणों की नाराजगी सामने आने के बाद मंत्री और विधायक सहित भाजपा नेताओं ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। नेताओं ने सड़क की समस्या के समाधान को लेकर आश्वासन भी दिया, लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। स्थिति के बीच ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर वहां से रवाना हो गए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में है।
यह खबर भी पढ़ें:-पति के इंतजार में बीते 40 साल, पाकिस्तान में कैद भगु सिंह की राह देख रहीं लक्ष्मी कंवर, हर करवा चौथ पर लौटने की आस
वर्षों से जर्जर सड़क को लेकर उठ रही मांग
ग्रामीणों के अनुसार, हिसामपुर से बघेरा तक की सड़क की हालत लंबे समय से खराब है। सड़क पर बने गड्ढों के कारण स्थानीय लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर पहले भी कई बार मांग उठाई गई, लेकिन अब तक उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिली है।
पंचायत राज चुनाव के बीच सड़क का यह मुद्दा स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों की नाराजगी से साफ है कि क्षेत्र में सड़क निर्माण का मामला उनके लिए अहम है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।



