जयपुर। राजस्थान के बाड़मेर जिले के सीमावर्ती गांव धनाऊ में रहने वाली लक्ष्मी कंवर के लिए करवा चौथ का पर्व खुशियों के साथ एक गहरी पीड़ा भी लेकर आता है। जहां इस दिन सुहागिनें अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं, वहीं लक्ष्मी कंवर पिछले करीब 40 साल से अपने पति भगु सिंह की वापसी का इंतजार कर रही हैं। बताया जाता है कि भगु सिंह बकरियां चराते समय अनजाने में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गए थे। इसके बाद से उनके परिवार को उनकी घर वापसी का इंतजार है।
चार दशक बीत जाने के बाद भी लक्ष्मी कंवर की उम्मीद खत्म नहीं हुई है। हर करवा चौथ पर उनके मन में यही सवाल उठता है कि आखिर उनके पति कब लौटेंगे और परिवार को दोबारा साथ रहने का मौका कब मिलेगा।
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करवा चौथ पर आज भी पति की वापसी की दुआ
लक्ष्मी कंवर के लिए करवा चौथ केवल एक परंपरा निभाने का दिन नहीं, बल्कि अपने बिछड़े पति से दोबारा मिलने की उम्मीद का प्रतीक बन चुका है। सालों से वह इस आस में हैं कि एक दिन भगु सिंह घर लौटेंगे और परिवार की अधूरी जिंदगी फिर से पूरी हो सकेगी। पति के अचानक बिछड़ जाने के बाद परिवार की जिम्मेदारियां उनके कंधों पर आ गईं। उन्होंने हिम्मत जुटाकर बच्चों की परवरिश की और मुश्किल परिस्थितियों में परिवार को संभाला। वक्त गुजरता गया, बच्चे बड़े हो गए, लेकिन पति की वापसी की प्रतीक्षा खत्म नहीं हुई। आज उम्र के इस पड़ाव पर भी लक्ष्मी कंवर के मन में पति के लौटने की आस बनी हुई है। करवा चौथ का हर साल उनके लिए पुरानी यादों और नई उम्मीदों के बीच गुजरता है।
बकरियां चराते समय पार हो गई थी अंतरराष्ट्रीय सीमा
परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, करीब चार दशक पहले भगु सिंह बकरियां चराते हुए अनजाने में भारत-पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर गए थे। इसके बाद वह पाकिस्तान पहुंच गए, जहां उन्हें हिरासत में लेकर जेल में रखे जाने की बात सामने आई।
इस घटना ने परिवार की जिंदगी बदल दी। शुरुआत में परिजनों को उम्मीद थी कि भगु सिंह जल्द ही वापस लौट आएंगे, लेकिन समय के साथ यह इंतजार लंबा होता चला गया। महीने सालों में बदल गए और देखते ही देखते करीब चार दशक गुजर गए। इस दौरान परिवार ने कई उतार-चढ़ाव देखे। बच्चों का बचपन बीत गया और जिंदगी आगे बढ़ती रही, लेकिन भगु सिंह की घर वापसी की खबर का इंतजार आज भी जारी है।
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सरकार से परिवार को अब भी उम्मीद
भगु सिंह की वापसी की आस लगाए बैठे परिवार की मांग है कि संबंधित सरकारी एजेंसियां उनके मामले की जानकारी जुटाएं और उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाने के लिए प्रयास करें। परिजन चाहते हैं कि पाकिस्तान में उनकी स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी मिले और यदि वह वहां मौजूद हैं, तो उनकी सुरक्षित वतन वापसी का रास्ता निकाला जाए।
सीमावर्ती गांव की लक्ष्मी कंवर के लिए यह इंतजार अब जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। करवा चौथ पर जब दूसरी महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और साथ की कामना करती हैं, तब लक्ष्मी कंवर की प्रार्थना में एक ही इच्छा शामिल रहती है, उनके पति सुरक्षित घर लौट आएं।
40 साल का यह इंतजार आज भी खत्म नहीं हुआ है। लक्ष्मी कंवर की उम्मीदें अब भी कायम हैं कि एक दिन उनके जीवन का यह लंबा इंतजार खत्म होगा और परिवार को फिर से साथ रहने की खुशी मिलेगी।



