Thursday, April 16, 2026
HomeLatest NewsHormuz Blockade: तो क्या ट्रम्प के आगे झुक गया ईरान? 21 अप्रैल...

Hormuz Blockade: तो क्या ट्रम्प के आगे झुक गया ईरान? 21 अप्रैल से पहले ‘महा-डील’ की तैयारी, पाकिस्तान बना बिचौलिया!

क्या दुनिया एक और बड़े युद्ध से बच जाएगी? अमेरिका और ईरान 21 अप्रैल की डेडलाइन से पहले एक ऐतिहासिक समझौते के बेहद करीब हैं। अमेरिकी नौसेना की होर्मुज नाकेबंदी ने ईरान का तेल व्यापार पूरी तरह ठप कर दिया है, जिससे तेहरान पर दबाव बढ़ गया है।

वॉशिंगटन/तेहरान। क्या दुनिया एक और विनाशकारी युद्ध के मुहाने से वापस लौटने वाली है? मिडिल ईस्ट से आ रही खबरें तो इसी ओर इशारा कर रही हैं। अमेरिका और ईरान के बीच 21 अप्रैल की डेडलाइन से पहले एक ‘सीक्रेट समझौता’ होने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस हाई-प्रोफाइल डील की कड़ियां वॉशिंगटन से नहीं, बल्कि इस्लामाबाद और तेहरान से जुड़ रही हैं।

ट्रम्प की ‘इकोनॉमिक फ्यूरी’ का असर?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का दावा है कि होर्मुज स्ट्रेट की घेराबंदी इतनी सख्त है कि पिछले 48 घंटों में ईरान के पोर्ट तक एक भी जहाज नहीं पहुंच सका। 9 जहाजों को तो बीच समंदर से ही वापस लौटना पड़ा।
140 मिलियन डॉलर का झटका: ईरान रोजाना करीब 15 लाख बैरल तेल बेचता है, लेकिन नाकेबंदी ने उसकी कमाई पर ताला लगा दिया है।
सीधी चेतावनी: व्हाइट हाउस के अधिकारी स्टीफन मिलर ने साफ कर दिया है कि अगर ईरान समझौते की टेबल पर नहीं आया, तो यह नाकेबंदी अनिश्चितकाल तक जारी रहेगी।

यह खबर भी पढ़ें:-बिहार में सम्राट का ‘राजतिलक’, राजस्थान भाजपा में जश्न, CM Bhajanlal और Vasundhara Raje ने दिया बड़ा संदेश

पाकिस्तान के आर्मी चीफ क्यों पहुंचे तेहरान?

इस कूटनीतिक शतरंज में सबसे बड़ा मोहरा बनकर उभरे हैं पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर। मुनीर इस वक्त तेहरान में हैं और खबर है कि उनके पास अमेरिका का वो ‘स्पेशल ड्राफ्ट’ है जिस पर जेडी वेंस और जेरेड कुशनर की टीम ने दिन-रात काम किया है। मुनीर यहाँ ‘मैसेंजर’ की भूमिका में हैं, जो ट्रम्प का संदेश ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व तक पहुँचा रहे हैं।

क्या है डील का ‘परमाणु’ एंगल?

रिपोर्ट्स की मानें तो ईरान के परमाणु प्रोग्राम को लेकर भी बर्फ पिघल रही है। रूस ने प्रस्ताव दिया था कि वह ईरान का यूरेनियम स्टॉक अपने पास रख लेगा, लेकिन अमेरिका ने इसे ठुकरा दिया। अब अमेरिका और ईरान के बीच ‘डायरेक्ट और बैकचैनल’ बातचीत में एक नया फॉर्मूला तैयार किया जा रहा है।

34 साल बाद ऐतिहासिक मुलाकात!

इसी बीच डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि इजराइल और लेबनान के नेता 34 साल बाद सीधी बातचीत कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो यह ट्रम्प की सबसे बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जाएगी।

यह खबर भी पढ़ें:-8वीं पास युवाओं को लाखों का लोन दे रही है भजनलाल सरकार, खुद का बिजनेस शुरू करने का सुनहरा मौका

वर्ल्ड बैंक की चेतावनी: बढ़ सकती है भुखमरी

जहां एक तरफ शांति की कोशिशें हो रही हैं, वहीं वर्ल्ड बैंक ने डरा दिया है। बैंक के चीफ इकोनॉमिस्ट इंदरमीत गिल के मुताबिक, अगर यह तनाव और खिंचा तो दुनिया में 30 करोड़ से ज्यादा लोग भुखमरी की चपेट में आ सकते हैं। सप्लाई चेन टूटने का असर सीधे आपकी थाली पर पड़ेगा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular