जयपुर। बेरोजगार युवाओं पर भजनलाल सरकार खूब मेहरबान हो रही है। अगर आप भी 8वीं पास हैं और गरीब है, लेकिन खुद का बिजनेस शुरू करना चाहत रखते है तो सरकार 10 लाख रुपए तक ब्याज मुक्त लोन दे रही है। राजस्थान सरकार की योजना का नाम है ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ जो बेरोजगार युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही है। दरअसल, अब युवाओं को नौकरी के पीछे भागने की जरूरत नहीं, बल्कि वे खुद ‘जॉब गिवर’ यानी नौकरी देने वाले बन सकते हैं। इस योजना की खास बात यह है कि बैंक से लिए गए कर्ज का पूरा ब्याज राजस्थान सरकार वहन करेगी, आपको सिर्फ मूल राशि ही लौटानी होगी।
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किस योग्यता पर कितना मिलेगा लोन?
भजनलाल सरकार युवाओं की शैक्षणिक योग्यता के आधार पर लोन प्रोवाइड करवाती है। 8वीं से 12वीं पास युवाओं के लिए सर्विस और बिजनेस के लिए 3.5 लाख रुपए और मैन्युफैक्चरिंग (निर्माण) क्षेत्र के लिए 7.5 लाख रुपए तक का लोन दे रही है। साथ ही 35,000 की मार्जिन मनी यानी सरकार सहायता भी मिलेगी। ग्रेजुएट या ITI पास युवाओं को सर्विस सेक्टर के लिए 5 लाख रुपए और मैन्युफैक्चरिंग के लिए 10 लाख रुपए तक का लोन। इसमें सरकार ₹50,000 की मार्जिन राशि अलग से देगी।
योजना की 3 सबसे बड़ी खास बातें
- ब्याज मुक्त ऋण: बैंक लोन पर लगने वाले 100% ब्याज का पुनर्भरण सरकार करेगी। युवाओं पर ब्याज का एक रुपये का भी बोझ नहीं पड़ेगा।
- बिना गारंटी का लोन: CGTMSE के तहत सरकार खुद गारंटी लेगी, जिससे बैंक से बिना किसी प्रॉपर्टी या गारंटी के लोन मिलना आसान हो जाएगा।
- उम्र सीमा: 18 से 45 वर्ष का कोई भी राजस्थान का मूल निवासी इस योजना का लाभ उठा सकता है।
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जरूरी दस्तावेज और आवेदन कैसे करें?
आवेदन की प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी और डिजिटल रखा गया है। युवा अपनी SSO ID के माध्यम से खुद या नजदीकी ई-मित्र पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।
आवश्यक दस्तावेज:
-आधार कार्ड और जन आधार कार्ड
- पैन कार्ड और मूल निवास प्रमाण पत्र
- शैक्षणिक योग्यता (8वीं, 10वीं, 12वीं या ग्रेजुएट) की मार्कशीट
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट (आप क्या बिजनेस करना चाहते हैं)
- उद्यम पंजीयन
भजनलाल सरकार की इस पहल से राजस्थान के करीब 1 लाख युवाओं को सीधा रोजगार मिलने की उम्मीद है। यह योजना न केवल स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योगों को बढ़ावा देगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक मजबूती भी लाएगी।



