फलोदी/जयपुर। राजस्थान में भजनलाल सरकार गरीबों पर खूब मेहरबान हो रही है। ‘मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना 2024’ गंभीर और दुर्लभ बीमारियों से जूझ रहे परिवारों के लिए एक जीवनदायिनी उम्मीद बनकर उभरी है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित इस योजना का उद्देश्य उन मासूमों को नया जीवन देना है, जिनके परिवार महंगे इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ हैं।
किसे मिलेगा लाभ?
समाज कल्याण अधिकारी केपी सिंह के अनुसार, इस योजना का लाभ उन सभी बालक-बालिकाओं को मिलेगा जिनकी आयु 18 वर्ष से कम है। सबसे खास बात यह है कि इस योजना में कोई आय सीमा निर्धारित नहीं की गई है, जिससे अमीर-गरीब हर जरूरतमंद परिवार इसका लाभ उठा सकता है। बशर्ते बच्चा भारत सरकार की ‘राष्ट्रीय दुर्लभ बीमारी नीति 2021’ में सूचीबद्ध बीमारियों से ग्रसित हो।
आर्थिक सहायता का ‘कवच’
- इलाज के लिए सहायता: दुर्लभ बीमारी के उपचार के लिए अधिकतम 50 लाख रुपए तक की बड़ी आर्थिक मदद दी जाती है।
- मासिक पेंशन: बच्चे की देखभाल और अन्य जरूरतों के लिए परिवार को 5,000 रुपए प्रति माह की सहायता राशि भी प्रदान की जाती है।
इन अस्पतालों से करानी होगी जांच
-एम्स (AIIMS), जोधपुर
-जेके लोन अस्पताल, जयपुर
इन संस्थानों के विशेषज्ञों द्वारा प्रमाणित किए जाने के बाद ही सहायता राशि स्वीकृत की जाती है।
आवेदन प्रक्रिया: अब ई-मित्र से जुड़ना हुआ आसान
पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए आवेदन ऑनलाइन रखे गए हैं। पात्र परिवार ई-मित्र या अपनी SSO ID के माध्यम से पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। जरूरी मेडिकल दस्तावेज अपलोड करने के बाद विभाग द्वारा जांच की जाती है और स्टेटस की जानकारी सीधे मोबाइल पर मिल जाती है। महंगे इलाज के कारण अक्सर परिवार कर्ज के बोझ तले दब जाते थे, लेकिन ‘मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना’ ने न केवल इलाज की राह आसान की है, बल्कि परिवारों को मानसिक और आर्थिक मजबूती भी दी है।



