Sunday, June 14, 2026
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हनुमान बेनीवाल के डर से आधी रात भाग खड़े हुए अफसर! किसानों की मांगों पर बनी सहमति, 81 दिनों चल रहा था धरना

जोधपुर/जाजीवाल भाटियान। आरएलपी पार्टी के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल को किसानों, पीड़ितों और शोषितों की आवाज उठाने के लिए जाना जाता है। बेनीवाल जोधपुर रिंग रोड परियोजना से प्रभावित किसानों के हक की आवाज उठाकर एक बार फिर साबित कर दिया वो किसानों के हितैषी हैं। जब भी किसानों के हक के बात आती है तो नागौर सांसद किसी भी हद तक जाने को तैयार रहते हैं। अब जोधपुर रिंग रोड परियोजना से प्रभावित किसानों के जाजीवाल में चल रहे 81 दिवसीय धरने में शामिल होकर बेनीवाल ने सीधे तौर पर सरकार और प्रशासन को अल्टीमेटम दे दिया है। बेनीवाल के कड़े तेवरों के बाद, देर रात NHAI और जिला प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर आकर किसानों की मांगों को लिखित में स्वीकार करना पड़ा।

प्रशासन को ‘जोधपुर कूच’ की खुली चेतावनी

सोमवार को धरना स्थल पर पहुंचे हनुमान बेनीवाल ने वहां मौजूद किसानों की व्यथा सुनी, जिसमें घटिया निर्माण, खेतों के रास्ते बंद होने और मुआवजे में धांधली जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। बेनीवाल ने स्थिति को भांपते हुए प्रशासन को दो-टूक चेतावनी दी कि यदि मांगों का निस्तारण तुरंत नहीं हुआ, तो हजारों किसान ‘जोधपुर कूच’ करेंगे और पूरे शहर की व्यवस्था ठप कर दी जाएगी। इस चेतावनी के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया।

भाजपा-कांग्रेस पर तीखा प्रहार

किसानों को संबोधित करते हुए सांसद बेनीवाल ने सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, ‘यह शर्मनाक है कि किसान 81 दिनों से सड़क पर बैठा है, लेकिन भाजपा और कांग्रेस का कोई नेता इनका दर्द सुनने नहीं आया।’ उन्होंने साफ किया कि RLP किसानों के संघर्ष में अंतिम सांस तक साथ खड़ी रहेगी।

देर रात की वार्ता: इन 5 प्रमुख मांगों पर बनी सहमति

सांसद की चेतावनी के बाद NHAI और जिला प्रशासन के आला अधिकारी देर रात धरना स्थल पहुंचे। घंटों चली वार्ता के बाद प्रशासन ने निम्नलिखित बिंदुओं पर लिखित आश्वासन दिया:

  1. सर्विस रोड:सर्विस रोड के निर्माण का प्रस्ताव तुरंत तैयार कर उच्च स्तर पर मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
  2. अंडरपास व पुलिया: किसानों के आवागमन की सुविधा के लिए जरूरी जगहों पर अंडरपास और पुलियों का निर्माण होगा।
  3. मुआवजा विसंगति: मुआवजे के वितरण में हुई गड़बड़ियों को ठीक करने के लिए जल्द विशेष बैठक बुलाई जाएगी।
  4. लाइटिंग व पौधारोपण: सुरक्षा के लिए हाईमास्ट लाइटें लगाई जाएंगी और बारिश से पहले बड़े स्तर पर वृक्षारोपण होगा।
  5. 68 किमी नई सड़क: जाजीवाल कल्ला से रतकुड़िया तक 68 किमी लंबी सड़क निर्माण का प्रस्ताव भी उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा।

कागजी सहमति नहीं, काम चाहिए

वार्ता के बाद किसानों ने खुशी तो जताई, लेकिन सांसद बेनीवाल ने स्पष्ट कर दिया कि यह केवल शुरुआत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा के भीतर धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा। फिलहाल, बेनीवाल की एंट्री ने इस लंबे समय से ठंडे पड़े विवाद को निर्णायक मोड़ पर पहुंचा दिया है।

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