Tuesday, June 16, 2026
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इस्लामपुर का नाम बदलकर ‘श्रीरामपुर’ करने का विरोध, सड़कों पर उतरे ग्रामीण

Jhunjhunu Islampur News: झुंझुनूं के इस्लामपुर गांव का नाम बदलकर ‘श्रीरामपुर’ करने के प्रस्ताव का ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 400 वर्षों से गांव की पहचान इस्लामपुर के नाम से रही है और बिना स्थानीय सहमति के नाम बदलना उचित नहीं है।

Jhunjhunu News: झुंझुनूं पंचायत समिति के गांव इस्लामपुर का नाम बदलकर ‘श्रीरामपुर’ करने का जमकर विरोध हो रहा है. ग्रामीण सड़कों पर उतर आए हैं. पदयात्रा निकाली जा रहा हैं. नाम बदलने की इस कवायद के विरोध में ग्रामीणों के साथ पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा भी सड़कों पर उतर आए. विरोध में सोमवार को भी इस्लामपुर से झुंझुनूं कलेक्ट्रेट तक पैदल रैली निकाली गई. जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए.

क्यों हो रहा नाम बदलने का विरोध ?

ग्रामीणों का कहना है कि इस्लामपुर गांव की अपनी ऐतिहासिक और सामाजिक पहचान है, जिसे किसी भी परिस्थिति में बदला नहीं जाना चाहिए. प्रदर्शन में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों की राय लिए बिना नाम परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू की गई है, जो उचित नहीं है.

इस्लामपुर नाम को लेकर दावा

विरोध कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि इस्लामपुर कोई नया नाम नहीं है, बल्कि यह गांव करीब 400 वर्षों से इसी नाम से जाना जाता रहा है. उनके अनुसार राजस्व रिकॉर्ड, सरकारी दस्तावेजों और स्थानीय इतिहास में भी गांव का नाम हमेशा इस्लामपुर ही दर्ज रहा है. ग्रामीणों का तर्क है कि किसी गांव का नाम केवल एक शब्द नहीं होता, बल्कि उससे उसकी पहचान, संस्कृति, इतिहास और सामाजिक विरासत जुड़ी होती है। इसलिए नाम परिवर्तन से गांव की ऐतिहासिक पहचान और उससे जुड़े सांस्कृतिक संदर्भ प्रभावित हो सकते हैं।

आंदोलन में कौन- कौन शामिल ?

इस आंदोलन को कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों का भी समर्थन मिला. पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के नेता राजेंद्र फौजी, अंजुमन-ए-पठान संस्था के सचिव इब्राहिम खान, आमिन मणियार सक्रिय हैं.

प्रदर्शन के दौरान राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कहा कि किसी भी समुदाय या क्षेत्र के साथ अन्याय होने पर लोगों को एकजुट होकर आवाज उठानी पड़ती है। उन्होंने कहा, ‘अकेले की बात कोई नहीं सुनता. अगर किसी के साथ गलत हो रहा है तो लोगों को सड़क पर उतरकर उसका विरोध करना पड़ेंगा.’

क्या है पूरा मामला ?

गौरतलब है कि झुंझुनूं विधायक राजेंद्र भांबू ने इस्लामपुर गांव का नाम बदलकर ‘श्रीरामपुर’ करने के लिए जिला कलेक्टर अरुण गर्ग को अनुशंसा पत्र भेजा था. इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर नाम परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू की गई. जैसे ही यह जानकारी गांव के लोगों तक पहुंची, उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया.

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Premanshu Chaturvedi
Premanshu Chaturvedihttp://jagoindiajago.news
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