जयपुर। राजस्थान के शहरों की तस्वीर को पूरी तरह बदलने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर नवनिर्वाचित नगरीय निकायों के प्रमुखों और उप प्रमुखों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सीएम ने साफ शब्दों में निर्देश दिए हैं कि अगले 100 दिनों के भीतर और खासकर दिवाली से पहले शहरों के विकास से जुड़े तमाम जरूरी काम हर हाल में पूरे किए जाएं, ताकि प्रदेश के शहरों को एक विश्वस्तरीय स्वरूप मिल सके।
एक महीने के भीतर इन कामों को पूरा करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और जनप्रतनिधियों को निर्देश दिए हैं कि दिवाली से पहले शहरों में साफ-सफाई, सड़कों की मरम्मत, बिजली, स्ट्रीट लाइट, सीवरेज, नालियों की सफाई, रंग-रोगन और सौंदर्यीकरण के कार्य युद्ध स्तर पर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि शहरों का विकास पूरी तरह से योजनाबद्ध तरीके से होना चाहिए ताकि आम जनता को बेहतर और आधुनिक शहरी सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही, स्थानीय समस्याओं जैसे कचरा संग्रहण व निस्तारण, जलभराव, पार्कों के रखरखाव, आवारा पशुओं की समस्या और अतिक्रमण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
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“पद नहीं, जनसेवा का मिशन है”
नगरीय निकायों के प्रतिनिधियों को नसीहत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल कोई राजनीतिक पद नहीं, बल्कि जनता की सेवा का एक बड़ा मिशन है। निर्वाचित प्रतिनिधियों को पूरी संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए और नियमित रूप से अपने क्षेत्रों का दौरा कर विकास कार्यों की गुणवत्ता की खुद मौके पर जांच करनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि केवल योजनाएं कागजों पर बनना काफी नहीं है, बल्कि उनका वास्तविक लाभ आम नागरिकों तक पहुंचना चाहिए।
वित्तीय प्रबंधन और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस
नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने आय के नए स्रोत बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि कामकाज में पूरी पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी होनी चाहिए तथा भ्रष्टाचार के मामलों में सरकार की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की रहेगी। पार्षदों से अपील की गई कि वे अपनी वार्ड की सीमाओं से ऊपर उठकर पूरे शहर के विकास के लिए सामूहिक सोच के साथ काम करें।
केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर फोकस
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही योजनाओं—जैसे स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी, अमृत योजना और स्मार्ट सिटीज मिशन का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे शहरों को आधुनिक बनाने में मदद मिल रही है। इसके साथ ही, राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों के जरूरतमंद परिवारों को 125 दिन का रोजगार देने के साथ-साथ 188 नगरीय निकायों में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (FSTP) और निशुल्क डी-स्लजिंग की सुविधा भी दे रही है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा, नगर निगमों के महापौर और मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि अन्य उप महापौर, सभापति और अध्यक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े।
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