जयपुर। राजस्थान में आगामी पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव को लेकर मतदाता जागरूकता अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने की तैयारी है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने चुनाव प्रक्रिया में अधिक से अधिक मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्वीप गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के सभागार में गुरुवार को आयोजित मतदाता जागरूकता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की अध्यक्षता करते हुए राज्य निर्वाचन आयुक्त ने चुनाव तैयारियों और मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा की।
10 अक्टूबर को होगा प्रत्याशी प्रबोधन कार्यक्रम
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने निर्देश दिए कि 10 अक्टूबर को पंचायत समिति स्तर पर प्रत्याशी प्रबोधन कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इन कार्यक्रमों में चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों को नामांकन प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी जाएगी। इसमें पात्रता एवं योग्यता, जरूरी दस्तावेज, नामांकन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां और किन परिस्थितियों में नामांकन पत्र निरस्त हो सकता है, इसकी जानकारी दी जाएगी। उद्देश्य यह है कि प्रत्याशी सभी नियमों की जानकारी लेकर सही तरीके से अपना नामांकन दाखिल कर सकें।
युवाओं और महिलाओं पर रहेगा विशेष फोकस
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि पंचायती राज चुनावों में अधिक से अधिक मतदाताओं की भागीदारी जरूरी है। इसके लिए युवा, महिला और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को विशेष रूप से जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। मतदाता साक्षरता क्लब और कॉलेजों के कैंपस एम्बेसडर के जरिए भी जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
‘एक शाम लोकतंत्र के नाम’ से लेकर चुनाव चौपाल तक
मतदाता जागरूकता के लिए कई अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें ‘एक शाम लोकतंत्र के नाम’, ‘एक पेड़ लोकतंत्र के नाम’, ‘एक दीप लोकतंत्र के नाम’ और ‘एक खेल लोकतंत्र के नाम’ जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। इसके अलावा आदर्श मतदान केंद्र, मतदाता संदेश बोर्ड, नुक्कड़ नाटक, चुनाव चौपाल, युवा मतदाता संवाद और महिला मतदाता संवाद भी आयोजित किए जाएंगे।
हर पंचायत समिति में बनेगा हरित एवं स्वच्छ बूथ
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने प्रत्येक पंचायत समिति क्षेत्र में कम से कम एक हरित एवं स्वच्छ बूथ स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मेहंदी प्रतियोगिता, मोटरसाइकिल और साइकिल रैली, सतरंगी सप्ताह, मैराथन और मतदाता प्रश्नोत्तरी जैसी गतिविधियों पर भी जोर दिया गया है।
1.55 लाख जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि ग्राम पंचायत ग्रामीण स्थानीय शासन की महत्वपूर्ण इकाई है। आगामी पंचायती राज चुनावों में करीब 1 लाख 55 हजार जनप्रतिनिधियों का चुनाव होना है। सरपंच और अन्य निर्वाचित प्रतिनिधि सीधे ग्रामीणों से जुड़े होते हैं। गांव की स्थानीय जरूरतों और विकास कार्यों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए मतदाताओं के साथ-साथ चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को भी चुनाव प्रक्रिया और नियमों की पूरी जानकारी होना जरूरी है।
अधिकारियों और कॉलेजों की भी रहेगी भागीदारी
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश वर्मा ने स्वागत उद्बोधन दिया। बैठक में सभी मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्य, महाविद्यालयों के ELC नोडल अधिकारी और कैंपस एम्बेसडर जुड़े। राज्य निर्वाचन आयोग का लक्ष्य आगामी पंचायती राज चुनावों में मतदाता जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ चुनाव प्रक्रिया में अधिक से अधिक ग्रामीण मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है।



