भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी ACB ने रिश्वत के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ACB की धौलपुर चौकी ने नदबई के राजकीय चिकित्सालय में तैनात वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी और एक निजी व्यक्ति को 35 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। ACB के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में डॉ. शशिकान्त शर्मा, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, राजकीय चिकित्सालय नदबई और उनके लिए रिश्वत की रकम लेने वाला त्रिलोकचन्द शर्मा उर्फ चीनू शामिल है।
मेडिकल रिपोर्ट को ‘हैवी MLC’ बनाने के लिए मांगी रिश्वत
ACB को एक परिवादी ने शिकायत दी थी। शिकायत के अनुसार उसने नदबई पुलिस थाने में मारपीट का मामला दर्ज कराया था। मामले में उसके परिजनों को आई चोटों का मेडिकल परीक्षण राजकीय चिकित्सालय नदबई में कराया जाना था। आरोप है कि मेडिकल रिपोर्ट में हैवी MLC बनाने के बदले 35 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी। शिकायत के मुताबिक वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशिकान्त शर्मा की ओर से यह रकम निजी व्यक्ति त्रिलोकचन्द शर्मा उर्फ चीनू के माध्यम से मांगी गई।
सत्यापन के बाद ACB ने बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई। ACB भरतपुर रेंज के उपमहानिरीक्षक पुलिस ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन में धौलपुर ACB चौकी के पुलिस उप अधीक्षक प्रेमचन्द मीणा के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की।
जेब से बरामद हुई 35 हजार की रकम
ट्रैप कार्रवाई के दौरान त्रिलोकचन्द शर्मा उर्फ चीनू को डॉ. शशिकान्त शर्मा के लिए 35 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। ACB के अनुसार रिश्वत की रकम आरोपी त्रिलोकचन्द शर्मा की पहनी हुई पेंट की जेब से बरामद की गई। वहीं वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशिकान्त शर्मा को उनके सरकारी आवास से डिटेन किया गया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में मामला दर्ज
ACB की ओर से दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जाएगी। आरोपियों से पूछताछ और अग्रिम कार्रवाई जारी है। ACB अधिकारियों के मुताबिक मामले में जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ACB ने लोगों से की अपील
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आम लोगों से भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान में सहयोग करने की अपील की है। ACB ने बताया कि किसी व्यक्ति के खिलाफ अभियोग या प्राथमिक जांच दर्ज होने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति सीधे ACB से संपर्क कर अपना पक्ष या स्पष्टीकरण प्रस्तुत कर सकता है। ACB के मुताबिक प्रस्तुत स्पष्टीकरण का विस्तृत विश्लेषण करने के बाद ही जांच में आगे का निर्णय लिया जाता है। भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायत के लिए ACB ने टोल फ्री नंबर 1064 और WhatsApp हेल्पलाइन 94135-02834 जारी किए हैं। ACB के अनुसार इन नंबरों पर 24×7 संपर्क किया जा सकता है।



