फलोदी। राजस्थान में दो चरणों में संपन्न हुए नगरीय निकाय चुनाव 2026 के नतीजों में अब बस कुछ ही समय बाकी है। 14 सितंबर को होने वाली मतगणना से ठीक पहले पूरे प्रदेश की निगाहें चुनावी नतीजों पर टिकी हुई हैं। लेकिन इस बार जनता के फैसले से पहले जिस एक चीज ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा है, वह है देश-दुनिया में चुनावी अनुमानों के लिए मशहूर फलोदी सट्टा बाजार का ताजा रुझान।

सिर्फ फलोदी नगर परिषद पर सट्टा बाजार का पूरा फोकस
आमतौर पर राजस्थान के सभी बड़े शहरों और जिलों पर दांव लगाने वाला फलोदी सट्टा बाजार इस बार थोड़े अलग मूड में है। बाजार से जुड़े जानकारों की मानें तो इस चुनाव में उन्होंने जयपुर, जोधपुर, कोटा या जैसलमेर जैसे बड़े निकायों के भाव जारी नहीं किए हैं।
इस बार सट्टा बाजार का पूरा ध्यान केवल अपनी स्थानीय फलोदी नगर परिषद की सीटों पर केंद्रित रहा है। वोटिंग खत्म होने के बाद अब बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दलों के बड़े नेता फलोदी के इस गणित को समझने में जुटे हुए हैं।
यह खबर भी पढ़ें:-BJP की बगरू में ‘बाड़ेबंदी’: 2 महीने की बच्ची गोद में लेकर पहुंचीं प्रत्याशी, गेट पर लटके ताले!
किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं, निर्दलीय बन सकते हैं ‘किंगमेकर’
फलोदी सट्टा बाजार के आकलन ने दोनों ही बड़ी पार्टियों के होश उड़ा दिए हैं। बाजार के अनुमान के मुताबिक, इस चुनाव में किसी भी राजनीतिक दल को अपने दम पर स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है।
- भारतीय जनता पार्टी (BJP): 16 से 18 सीटें मिलने का अनुमान।
- कांग्रेस (Congress): 13 से 15 सीटें मिलने का अनुमान।
- निर्दलीय प्रत्याशी: सबसे मजबूत स्थिति में।
सट्टा बाजार के हिसाब से इस बार निर्दलीय उम्मीदवार बेहद अहम भूमिका निभाएंगे और ‘किंगमेकर’ बनकर उभरेंगे। ऐसे में चुनाव नतीजों के बाद शहर की सरकार बनाने के लिए दोनों ही दलों को निर्दलीयों के आगे जोड़-तोड़ और बैसाखियों का सहारा लेना पड़ेगा।
यह खबर भी पढ़ें:-आईपीएस पति का विवाद अब थाने पहुंचा, लव मैरिज के 10 साल बाद बंद मिले ससुराल के दरवाजे!
निर्दलीयों पर 9-11 का भाव, टिकट बंटवारे पर खड़े हुए सवाल
बाजार के जानकारों का कहना है कि निर्दलीयों का पलड़ा भारी देखकर सट्टा बाजार में ‘9 से 11 बराबर’ का भाव (सेशन) चल रहा है। इतने बड़े पैमाने पर निर्दलीयों की बढ़त यह साफ इशारा कर रही है कि जनता में दोनों पार्टियों के टिकट वितरण को लेकर नाराजगी रही है।
इसके अलावा, अगर निर्दलीयों की मदद से बोर्ड बनाने की नौबत आती है, तो सभापति पद की रेस में ये नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं:
- पूर्व सभापति पन्नालाल पहलवान
- बीजेपी के मेघराज कल्ला
- कांग्रेस के जयप्रकाश बोहरा उर्फ मान ठेकेदार
इन तीनों ही नेताओं के सभापति बनने के भाव बाजार में 25 से 35 पैसे के बीच चल रहे हैं।
(जागो इंडिया जागो इस खबर की पुष्टी नहीं करता ये सोशल मीडिया ट्रेंड और इनपुट के आधार पर लिखी गई है…आधिकारिक आंकड़ें तो 14 सितंबर को रिजल्ट होने के बाद ही पता चलेगा।)



