जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव 2026 की मतगणना से पहले ही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने कुनबे को एकजुट रखने के लिए ‘ऑपरेशन बोर्ड’ का शंखनाद कर दिया है। जयपुर नगर निगम के सभी 150 वार्डों के प्रत्याशी नतीजों से 2 दिन पहले ही अचानक अंडरग्राउंड कर दिए गए हैं। पार्टी नेतृत्व ने ‘प्रशिक्षण वर्ग’ के नाम पर अपने तमाम उम्मीदवारों को बगरू स्थित ‘भंवर सिंह होटल’ में ठहराया है। अब यह सभी प्रत्याशी 22 सितंबर को डिप्टी मेयर (उप महापौर) के चुनाव तक संगठन की सख्त निगरानी में रहेंगे।

बसों में भरकर बगरू ले जाए गए प्रत्याशी
पूरी योजना के तहत बीजेपी के जयपुर शहर जिलाध्यक्ष अमित गोयल ने सभी 150 पार्षद उम्मीदवारों को पहले पार्टी के शहर कार्यालय बुलाया। वहां से चार अलग-अलग बसों में सभी को सीधे बगरू स्थित होटल पहुंचाया गया।
हालांकि, बाड़ेबंदी के आरोपों को खारिज करते हुए जिलाध्यक्ष अमित गोयल और शहर महामंत्री नवरत्न नरानियां ने कहा कि बीजेपी में ‘बाड़ेबंदी’ नहीं होती, बल्कि यह एक कार्यशाला है जहां होने वाले पार्षदों को काम करने के तौर-तरीकों और संगठन की नीति की ट्रेनिंग दी जा रही है। उन्होंने यह भी साफ किया कि 14 सितंबर को मतगणना के समय प्रत्याशियों द्वारा अधिकृत काउंटिंग एजेंट ही केंद्र पर मौजूद रहेंगे।
गोद में 2 महीने की मासूम बच्ची, सास संग पहुंचीं महिला उम्मीदवार
इस पूरे सियासी ड्रामे और बाड़ेबंदी के बीच एक बेहद भावुक और चर्चा का केंद्र बना नजारा भी देखने को मिला। बीजेपी की पार्षद उम्मीदवार निधि सेन अपनी महज दो महीने की नवजात बेटी को गोद में लेकर पार्टी दफ्तर पहुंचीं। उनके साथ उनकी सास मंजू देवी भी थीं।
निधि सेन ने मीडिया से बातचीत में कहा— “पार्टी का आदेश सर्वोपरि है। अगर ट्रेनिंग कैंप में रहना है तो रहेंगे। बच्ची की देखभाल के लिए मेरी सास साथ में हैं, हम दोनों मिलकर इसे संभाल लेंगे।”
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बस के अंदर खिंचाई तो होटल के गेट पर सुरक्षा का सख्त पहरा
बसों में बैठकर बगरू जाते वक्त कई प्रत्याशियों ने चुटकी लेते हुए कहा कि पार्टी ने तो 22 सितंबर तक का बुलावा दिया है, लेकिन अगर 14 सितंबर को जीत की मुहर लगी तभी 22 तारीख तक ठहर पाएंगे, वरना हारते ही सीधे घर की राह पकड़ेंगे!
वहीं वार्ड 109 से बीजेपी के अल्पसंख्यक प्रत्याशी जाकिर हुसैन खान ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि चुनाव नतीजे बता देंगे कि किसकी जमानत बचती है और किसकी जब्त होती है।
भले ही बीजेपी इसे प्रशिक्षण शिविर कह रही हो, लेकिन प्रत्याशी जैसे ही बगरू के भंवर सिंह होटल पहुंचे, वहां का नजारा कुछ और ही बयां कर रहा था। होटल के दोनों मुख्य द्वारों पर बड़े-बड़े ताले जड़े जा चुके थे और भारी-भरकम बाउंसर्स की तैनाती कर दी गई थी। यानी अब 22 सितंबर तक ये प्रत्याशी तालों और सुरक्षा घेरे के पहरे में ही रहेंगे।



