जयपुर। मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर का निधन हो गया है। वह 75 साल के थे। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर नाना पाटेकर के निधन पर शोक जताया। उन्होंने नाना पाटेकर को हिंदी एवं मराठी सिनेमा का महान अभिनेता और पद्म श्री से सम्मानित व्यक्तित्व बताते हुए श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नाना पाटेकर का जाना भारतीय कला जगत और राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने उनके सशक्त अभिनय, प्रखर व्यक्तित्व और सामाजिक कार्यों के प्रति समर्पण को याद किया।
1978 में हिंदी सिनेमा में किया डेब्यू
नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था। उनका जन्म 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के मुरुड-जंजीरा में हुआ था। उन्होंने मुंबई के सर जे.जे. इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड आर्ट से शिक्षा हासिल की। नाना पाटेकर ने 1978 की फिल्म ‘गमन’ से हिंदी सिनेमा में कदम रखा। इसके बाद ‘अंकुश’, ‘प्रतिघात’ और ‘परिंदा’ जैसी फिल्मों से उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।
तीन बार मिला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार
नाना पाटेकर को शानदार अभिनय के लिए तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले। 1989 में ‘परिंदा’ के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 1994 की फिल्म ‘क्रांतिवीर’ में दमदार अभिनय के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। ‘अग्निसाक्षी’ के लिए भी उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। नाना पाटेकर ने अभिनय के अलावा निर्देशन में भी हाथ आजमाया। उन्होंने ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ का निर्देशन किया था।
‘वेलकम’ के उदय शेट्टी ने भी दिल जीता
नाना पाटेकर ने गंभीर और दमदार किरदारों के साथ कॉमेडी में भी अपनी खास पहचान बनाई। फिल्म ‘वेलकम’ में उदय शेट्टी के किरदार ने उन्हें दर्शकों के बीच एक अलग लोकप्रियता दिलाई। ‘तिरंगा’, ‘खामोशी’, ‘अब तक छप्पन’, ‘अपहरण’, ‘राजनीति’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में उनके यादगार किरदार दर्शकों के बीच काफी चर्चित रहे।
पद्मश्री से हुए सम्मानित
अभिनय के क्षेत्र में योगदान के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2013 में नाना पाटेकर को पद्मश्री से सम्मानित किया था। उनकी पहचान सिर्फ अभिनेता के तौर पर ही नहीं, बल्कि लेखक और निर्देशक के रूप में भी रही।
सामाजिक कार्यों से भी जुड़े थे
नाना पाटेकर सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहे। वर्ष 2015 में उन्होंने अभिनेता मकरंद अनासपुरे के साथ ‘नाम फाउंडेशन’ की स्थापना की। यह संस्था किसानों और सूखा प्रभावित क्षेत्रों में सहायता के लिए काम करती है। दमदार संवाद अदायगी, गंभीर अभिनय और अलग अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले नाना पाटेकर के निधन से फिल्म जगत ने एक चर्चित कलाकार को खो दिया है।



