जयपुर। जयपुर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR यानी Special Intensive Revision के विरोध में INDIA गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत किया गया। जयपुर कलेक्ट्रेट सर्किल पर हुए प्रदर्शन में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास, विधायक रफीक खान और जयपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा समेत कई नेता और कार्यकर्ता पहुंचे। प्रदर्शन में CPI(M), CPI, समाजवादी पार्टी और CPI(ML) से जुड़े कार्यकर्ता भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने ढोल और ढपली बजाकर नारेबाजी की और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। INDIA गठबंधन के नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची की SIR प्रक्रिया में गड़बड़ियां हुई हैं। विपक्षी दल इस प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। देशभर में भी INDIA ब्लॉक और कांग्रेस की ओर से SIR तथा CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी है।
‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे
जयपुर में प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ढपली बजाकर ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ और ‘वोट चोर, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन में एक बड़ा पुतला और पोस्टर भी नजर आया, जिस पर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग लिखी गई थी। कार्यकर्ताओं ने हाथों में ‘काला दिवस’ लिखे पोस्टर भी ले रखे थे।
खाचरियावास ने सरकार पर लगाए आरोप
कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर कई आरोप लगाए। उन्होंने राहुल गांधी को विपक्ष का नेता बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को सुना जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा रही और विपक्षी नेताओं के साथ कार्रवाई की जा रही है। खाचरियावास ने कहा कि कांग्रेस संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता वोट की सुरक्षा के मुद्दे पर आंदोलन जारी रखेंगे।
INDIA गठबंधन के कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध
जयपुर कलेक्ट्रेट सर्किल पर प्रदर्शन के दौरान विभिन्न दलों के कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा की मांग की। वहीं, चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ पक्ष विपक्ष के इन आरोपों को स्वीकार नहीं करते और SIR को मतदाता सूची के सत्यापन और शुद्धिकरण की प्रक्रिया बताते हैं। देशभर में इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है।



