जयपुर। जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने आउटडोर विज्ञापनों को लेकर नए नियम लागू कर दिए हैं। आउटडोर विज्ञापन विनियम-2026 के तहत अब जयपुर में विज्ञापन लगाने के लिए निर्धारित नियमों और लाइसेंस प्रक्रिया का पालन करना होगा। नए नियमों के तहत JDA विज्ञापनों से शुल्क भी वसूलेगा।
प्रमुख सड़कों पर विज्ञापन साइटों की होगी नीलामी
JDA रीजन की प्रमुख सड़कों पर विज्ञापन साइटों की खुली नीलामी की जाएगी। एक साल के लिए अधिकतम बोली लगाने वाली एजेंसी को विज्ञापन साइट का लाइसेंस दिया जाएगा। निजी भवन पर विज्ञापन लगाने के लिए भी JDA से लाइसेंस लेना जरूरी होगा। हर विज्ञापन के लिए अलग से अनुमति और लाइसेंस की व्यवस्था रहेगी।
निजी छत और जमीन पर होर्डिंग लगाने पर रोक
नए नियमों के तहत निजी भवनों की छत पर होर्डिंग लगाने पर रोक रहेगी। निजी जमीन पर पोल या यूनीपोल लगाकर भी विज्ञापन नहीं लगाए जा सकेंगे। स्मारक, स्कूल, अस्पताल और पुलों को विज्ञापन मुक्त क्षेत्र रखा गया है। इसके अलावा नगर प्राचीर, नगर द्वार और पुरातात्विक भवनों पर भी विज्ञापन लगाने की अनुमति नहीं होगी।
सड़क से 30 फीट की दूरी जरूरी
विज्ञापन बोर्ड लगाने के लिए सड़क के सेंटर से कम से कम 30 फीट की दूरी अनिवार्य होगी। ऐसे विज्ञापनों पर भी रोक रहेगी, जिनसे सड़क पर दृश्यता प्रभावित होती हो या यातायात में बाधा पैदा होती हो।
नाम-पट्ट के बाद देना होगा शुल्क
दुकान या प्रतिष्ठान पर 10 वर्ग फीट तक का नाम-पट्ट निशुल्क रहेगा। इसके बाद खुद के कारोबार के विज्ञापन के लिए 250 रुपए प्रति वर्गफीट शुल्क निर्धारित किया गया है। वहीं LED, LCD और डिजिटल स्क्रीन वाले विज्ञापनों के लिए 375 रुपए प्रति वर्गफीट शुल्क देना होगा। विज्ञापन शुल्क में हर साल 10 फीसदी की बढ़ोतरी का प्रावधान किया गया है।
बिना अनुमति विज्ञापन लगाया तो दोगुना शुल्क
अगर कोई व्यक्ति या एजेंसी बिना अनुमति विज्ञापन लगाती है तो JDA की ओर से दोगुना शुल्क वसूला जाएगा। यानी नियमों का उल्लंघन करने पर सामान्य शुल्क के मुकाबले अधिक भुगतान करना पड़ेगा।
फैसले के खिलाफ 30 दिन में अपील
JDA के फैसले के खिलाफ संबंधित व्यक्ति या एजेंसी को 30 दिन के भीतर विज्ञापन समिति में अपील करने का अधिकार होगा। विज्ञापन से जुड़े विवादों पर JDA ट्रिब्यूनल का क्षेत्राधिकार रहेगा। नए नियम गजट नोटिफिकेशन की तारीख से प्रभावी होंगे। JDA के इन नए प्रावधानों से जयपुर में होर्डिंग, बिलबोर्ड, डिजिटल स्क्रीन और अन्य आउटडोर विज्ञापनों की अनुमति और शुल्क व्यवस्था में बड़ा बदलाव होगा।



