जयपुर। राजधानी जयपुर में यूजीसी के नए नियमों के विरोध में निकाली गई रैली के दौरान घायल हुए डीडवाना-कुचामन जिले के पलाड़ा गांव निवासी देवराज सिंह की उपचार के दौरान मौत हो गई। रैली का आयोजन श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना, राष्ट्रीय हिंदू महासभा और सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों की ओर से किया गया था। घटना के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प तथा पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद गहरा गया है।
प्रदर्शन के दौरान बिगड़े हालात
सोमवार को आयोजित रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। प्रदर्शनकारी विभिन्न मार्गों से आगे बढ़ते हुए कलेक्ट्रेट सर्किल की ओर पहुंचे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की, लेकिन प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
यह खबर भी पढ़ें:-विजय-तृषा टिप्पणी विवाद ने, तमिलनाडु में डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन हिरासत में!
पुलिस ने पहले वाटर कैनन, फिर किया लाठीचार्ज
पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद भी प्रदर्शनकारी नहीं हटे तो लाठीचार्ज किया गया। इसी दौरान देवराज सिंह घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उपचार के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जयपुर में हुआ अंतिम संस्कार
देवराज सिंह का मंगलवार को जयपुर में अंतिम संस्कार किया गया। भाजपा नेता विजय सिंह पलाड़ा ने उनके निधन की जानकारी साझा की। मृतक डीडवाना-कुचामन जिले के पलाड़ा गांव के निवासी थे।
कई स्थानों पर रोका गया जुलूस
रैली को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने सबसे पहले 200 फीट एक्सप्रेस पुलिया के नीचे बैरिकेड्स लगाए। इसके बाद चौमूं पुलिया तिराहा, अंबाबाड़ी तिराहा और पानीपेच तिराहा पर भी प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया गया। हालांकि प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट सर्किल तक पहुंच गए और वहां से भाजपा प्रदेश कार्यालय तथा मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे। इसी दौरान कई बार पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच आमना-सामना हुआ।
यह खबर भी पढ़ें:-RPI (A) की राजस्थान में बड़ी एंट्री, पंचायत चुनाव में 35 जिलों में उतारेगी उम्मीदवार; भाजपा के साथ मिलकर लड़ेगी चुनाव
करणी सेना ने लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। संगठन का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान महिलाओं और युवाओं पर भी बल प्रयोग किया गया। संगठन के अनुसार, एक कार्यकर्ता का पैर टूट गया, जबकि कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं।
घटना को लेकर बढ़ा राजनीतिक और सामाजिक माहौल
देवराज सिंह की मौत के बाद मामले ने राजनीतिक और सामाजिक तूल पकड़ लिया है। प्रदर्शनकारी संगठनों ने घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस की ओर से अब तक पूरे घटनाक्रम को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले को लेकर आगे की जांच जारी है।



