नई दिल्ली (प्रज्ञा पांडे)। Air India की फ्लाइट फुकेट से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान क्रूज ऊंचाई पर पहुंचने के बाद विमान को अचानक तेज हवा के झटकों का सामना करना पड़ा। टर्बुलेंस के दौरान विमान में बैठे यात्रियों को अचानक झटके महसूस हुए। कुछ यात्रियों ने बताया कि स्थिति कुछ समय के लिए काफी डरावनी लग रही थी। कई बार ऐसी परिस्थितियों में सीट बेल्ट नहीं लगाए होने पर यात्रियों को चोट लग सकती है।
टर्बुलेंस विमान यात्रा के दौरान आने वाली एक सामान्य स्थिति है, जिसमें हवा की गति और दिशा में अचानक बदलाव के कारण विमान को झटके महसूस होते हैं। यह स्थिति यात्रियों के लिए डर पैदा कर सकती है, लेकिन ज्यादातर मामलों में आधुनिक विमान इसे संभालने के लिए पूरी तरह सक्षम होते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, उड़ान के दौरान सीट बेल्ट बांधे रखना सबसे सुरक्षित तरीका होता है, क्योंकि अचानक आने वाले झटकों में चोट लगने का खतरा कम हो जाता है।
घटना के बाद विमान के दिल्ली पहुंचने पर घायल यात्रियों को मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई है। एयरपोर्ट पर मौजूद मेडिकल टीम ने यात्रियों की स्थिति की जांच की और जरूरत के अनुसार उन्हें सहायता दी गई। सभी यात्रियों को सुरक्षित तरीके से विमान से बाहर निकाला गया। फिलहाल Air India और संबंधित अधिकारी घटना की जानकारी जुटा रहे हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि टर्बुलेंस कितना तेज था और विमान किन परिस्थितियों से गुजरा। इस घटना के बाद सबसे बड़ी राहत यही है कि विमान सुरक्षित दिल्ली पहुंच गया और किसी बड़ी दुर्घटना की स्थिति नहीं बनी।
अब अधिकारियों की नजर इस बात पर है कि फ्लाइट को किस तरह के टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा और इसकी वजह क्या थी। मौसम की स्थिति, हवा के पैटर्न और उड़ान के दौरान दर्ज किए गए डेटा की समीक्षा के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी। एविएशन विशेषज्ञों के मुताबिक, अचानक आने वाले ऐसे हवा के झटकों को पूरी तरह रोकना संभव नहीं होता, लेकिन पायलट और क्रू को ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है।



