Hantavirus News: डच क्रूज जहाज MV Hondius पर हंतावायरस (Hantavirus) संक्रमण फैलने की खबर ने चिंता बढ़ा दी है. जहाज फिलहाल अफ्रीका के Cape Verde के पास लंगर डाले खड़ा है और उस पर मौजूद 149 यात्रियों एवं क्रू सदस्यों की निगरानी की जा रही है. खबरों के मुताबिक इनमें से 2 भारतीय क्रू मेंबर भी शामिल हैं. संक्रमण के कारण अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है. मरने वालों में एक डच दंपती और 1 जर्मन यात्री शामिल हैं. एक यात्री गंभीर रूप से बीमार है, जिसे इलाज के लिए साउथ अफ्रीका भेजा है.
2 क्रू मेंबर भारत के दो सदस्य शामिल
कंपनी ने यात्रियों और क्रू की सूची जारी की है, इसमें भारत के 2 क्रू मेंबर भी इस सूची में शामिल हैं. हालांकि उनके नाम और हेल्थ की स्थिति को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है. WHO और स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. फिलहाल जहाज पर मौजूद सभी लोगों को आइसोलेशन और सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. भारतीय दूतावास की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है, लेकिन 2 भारतीय क्रू सदस्यों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है.
12 देशों में अलर्ट
क्रूज शिप पर फैले संक्रमण से जुड़े हंतावायरस के 5 मामले सामने आए हैं, जबकि 3 अन्य मामलों पर अभी भी पुष्टि नहीं हो पाई है. WHO ने अब उन 12 देशों को सूचित किया है, जिनके नागरिक यात्रा के दौरान पहले ही क्रूज जहाज ‘एमवी होंडियस’ से उतर गए थे. इन 12 देशों में सिंगापुर, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, टर्की, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका, कनाडा, डेनमार्क, जर्मनी, नीदरलैंड्स, न्यूजीलैंड, सेंट किट्स एंड नेविस, शामिल हैं. भारत के लिए चिंता की वजह यह है कि जहाज पर मौजूद 2 भारतीय नागरिक वायरस के संपर्क में आए हो सकते हैं, लेकिन अभी तक उनकी मेडिकल स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है.
मौतों में एंडीज स्ट्रेन का शक
WHO के मुताबिक हंतावायरस से हुई 3 मौत के मामलों में एंडीज स्ट्रेन का शक है, जो इंसानों के बीच भी फैल सकता है. WHO ने बताया कि एंडीज स्ट्रेन बाकी हंतावायरस से अलग है. यह संक्रमित चूहों या उनके मल-मूत्र से तो फैलता ही है, लेकिन कुछ मामलों में इंसान से इंसान में भी फैल सकता है. हालांकि, यह संक्रमण कोरोना जितना तेजी से नहीं फैलता.
हंतावायरस संक्रमण के लक्षण
हंतावायरस एक दुर्लभ लेकिन घातक वायरस है, जो मुख्य रूप से चूहों से फैलता है. इसके शुरुआती लक्षण की बात की जाए तो, बुखार, थकान, मांसपेशियों में दर्द,
लक्षण दिखाई देने के 4 से 10 दिन बाद संक्रमण गंभीर हो सकता है, सांस लेने में तकलीफ, सीने में जकड़न होती है. अगर समय पर इलाज न मिले तो 30-40% मामलों में मौत हो जाती है.
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