Crude Oil Price: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच वैश्विक बाजारों में हलचल तेज हो गई है. कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल आया है और ब्रेंट क्रूड का दाम गुरुवार को 125 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जो 2022 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है.
ब्रेंट क्रूड के जून में आपूर्ति वाले अनुबंध का भाव 6.2 प्रतिशत चढ़कर 125.36 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि जुलाई में आपूर्ति वाले अनुबंधों की कीमत 3.1 प्रतिशत की बढ़त के साथ 113.85 डॉलर प्रति बैरल हो गई. फरवरी के अंत में युद्ध शुरू होने से पहले ब्रेंट क्रूड करीब 70 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था.
तनाव और अनिश्चितता मुख्य वजह
अमेरिका-ईरान वार्ता ठप पड़ने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद रहने से सप्लाई को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है. यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम मार्ग है, ऐसे में यहां बाधा आने का सीधा असर कीमतों पर पड़ रहा है.
शेयर बाजारों पर असर
तेल की बढ़ती कीमतों के बीच वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट देखी गई. अमेरिकी वायदा बाजार और एशियाई बाजार दोनों दबाव में रहे, क्योंकि निवेशकों में अनिश्चितता और जोखिम से बचने का रुख बढ़ गया है.
लंबा खिंच सकता है संकट
यह संघर्ष अब नौवें सप्ताह में पहुंच चुका है और इसके जल्द खत्म होने के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं. अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी और क्षेत्रीय तनाव ने स्थिति को और जटिल बना दिया है.
तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे, तो तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं, जिससे वैश्विक महंगाई और आर्थिक दबाव भी बढ़ेगा-खासकर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर. कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट का यह संकट अब सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा जोखिम बनता जा रहा है.
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