गांधीनगर। गुजरात के गांधीनगर में मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई को तेज करते हुए पुलिस ने पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम के तहत पांच लोगों को निवारक हिरासत में लिया है। इस संबंध में शुक्रवार को एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कदम राज्य में ड्रग्स तस्करी पर लगाम कसने के उद्देश्य से उठाया गया है।
अधिकारी के अनुसार, पीआईटी एनडीपीएस कानून का इस्तेमाल ऐसे लोगों के खिलाफ किया जाता है जो बार-बार मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों में शामिल पाए जाते हैं। यह अधिनियम पुलिस को संदिग्ध व्यक्तियों को पहले से ही हिरासत में रखने की अनुमति देता है, ताकि वे अवैध गतिविधियों में दोबारा शामिल न हो सकें।
पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए आरोपियों की पहचान अरावली जिले के भिलोडा तालुका के वंकाटिम्बा गांव निवासी बाबू निनामा (49), बनासकांठा के पालनपुर के ईश्वर उर्फ हेंडल सलात (28), नवसारी के वंसदा निवासी मनोजगिरी गोस्वामी (45), जूनागढ़ के वाहिद पांजा (50) और राजकोट के इमरान बेलिम (32) के रूप में हुई है।
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जांच एजेंसियों के अनुसार, इन सभी आरोपियों के खिलाफ पहले भी एनडीपीएस कानून के तहत मामले दर्ज हो चुके हैं। हालांकि, वे जमानत पर रिहा होकर बाहर थे। इसके बाद राज्य के प्रभारी पुलिस महानिदेशक केएलएन राव के निर्देश पर एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स और सीआईडी ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए इन पर शिकंजा कसा।
पुलिस का कहना है कि इन आरोपियों की गतिविधियों पर काफी समय से नजर रखी जा रही थी और उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार नशे से जुड़े अपराधों को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है और इस तरह के मामलों में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।
गुजरात में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर लगातार कार्रवाई जारी है। पुलिस का मानना है कि इस तरह की सख्ती से नशे के नेटवर्क को कमजोर करने में मदद मिलेगी और समाज में इसके दुष्प्रभावों को रोका जा सकेगा।



