Strait of Hormuz Shipping Update : नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान ने घोषणा की है कि लेबनान में लागू युद्धविराम के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही पूरी तरह सामान्य बनी रहेगी। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी साझा करते हुए कहा कि युद्धविराम की अवधि में इस अहम समुद्री मार्ग से जहाजों का आवागमन बिना किसी बाधा के जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और वैश्विक व्यापार पर किसी भी तरह का नकारात्मक असर रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। यह कदम अंतरराष्ट्रीय बाजार और आपूर्ति श्रृंखला के लिए भी राहत भरा माना जा रहा है।
तय रूट से होगी आवाजाही
ईरान ने साफ किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी वाणिज्यिक जहाजों को पहले से तय और समन्वित मार्ग का ही पालन करना होगा। यह मार्ग ईरान के पोर्ट्स एंड मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन द्वारा पहले ही निर्धारित किया जा चुका है। इसी के तहत जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी।
ट्रंप ने कहा थैंक्यू
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोले जाने की घोषणा के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा, “ईरान ने अभी-अभी घोषणा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला है और पूर्ण आवागमन के लिए तैयार है। धन्यवाद!”
ईरान की घोषणा के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट
एक समाचार एजेंसी के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची के होर्मुज खोलने के ऐलान के तुरंत बाद तेल कीमतों में करीब 9 फीसदी की गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि युद्धविराम की शेष अवधि के दौरान होर्मुज स्ट्रेट से सभी कमर्शियल जहाजों की आवाजाही अब खुली रहेगी।
इसके बाद वैश्विक कच्चा तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा 8.46 डॉलर यानी 8.5 फीसदी टूटकर 90.93 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड वायदा 8.87 डॉलर यानी 9.4 फीसदी गिरकर 85.82 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
यूरोप के बेंचमार्क गैस कॉन्ट्रैक्ट में भी भारी गिरावट आई है. गैस करीब 8.5 फीसदी गिर गई है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान में युद्ध खत्म करने के लिए जल्द समझौता हो सकता है, हालांकि इसकी समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है. लेकिन इन खबरों से ऊर्जा बाजार में सकारात्मक संदेश गया है कीमतें गिर रही है।



