बांसवाड़ा (घाटोल)। राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। खमेरा थाना क्षेत्र के काली मगरी गांव में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के कद्दावर नेता और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी अशोक निनामा के सगे भाई अनिल निनामा (28) की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस मर्डर मिस्ट्री में प्रेम-प्रसंग, राजनीतिक रंजिश और बदले की आग का ऐसा घालमेल है जिसने पूरे वागड़ की राजनीति में उबाल ला दिया है।
मौत का ‘हनी ट्रैप’ या सोची-समझी साजिश?
सोमवार रात अनिल निनामा अपनी बाइक लेकर घर से निकला था। आरोप है कि वह काली मगरी गांव में अपने पीहर आई एक शादीशुदा महिला ‘लक्ष्मी’ से मिलने गया था। लेकिन वहां पहले से ही मौत का जाल बिछा था। जैसे ही अनिल खेत के पास पहुंचा, लक्ष्मी के पति सिद्धार्थ और उसके साथियों ने उसे घेर लिया।
लठ और पत्थरों से अनिल पर तब तक हमला किया गया जब तक वह बेसुध नहीं हो गया। हमलावर उसे मरा हुआ समझकर झाड़ियों में फेंक कर भाग निकले। मंगलवार सुबह इलाज के दौरान अनिल ने दम तोड़ दिया, लेकिन मरने से पहले दिए गए उसके बयान अब आरोपियों के लिए गले की फांस बन गए हैं।
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सरपंच पर लगा ‘मास्टरमाइंड’ होने का आरोप
मृतक के भाई और BAP नेता अशोक निनामा ने इस हत्याकांड को महज प्रेम-प्रसंग का मामला मानने से इनकार कर दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर सागबारी सरपंच प्रकाश पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है।
अशोक का दावा: ‘राजनीति में मेरी सक्रियता को कम करने और मुझे मानसिक रूप से तोड़ने के लिए मेरे भाई की बलि चढ़ाई गई है। सरपंच प्रकाश ने पहले भी धमकी दी थी और वारदात की रात उसी ने फोन कर अनिल के वहां होने की सूचना दी थी।’
FSL टीम को मिले खौफनाक सुराग
मौका-ए-वारदात पर पहुंची FSL टीम को जो सबूत मिले हैं, वे रोंगटे खड़े करने वाले हैं। झाड़ियों में अनिल की बाइक और चाबियों के साथ-साथ बालों के गुच्छे बिखरे मिले हैं, जो यह बताते हैं कि अनिल ने अपनी जान बचाने के लिए कितना संघर्ष किया होगा। आरोपियों के घरों पर ताले लटके हुए हैं।
दो मासूम बेटियों के सिर से उठा साया
इस पूरी वारदात में सबसे दर्दनाक पहलू अनिल का परिवार है। अनिल के पिता केशवलाल, जो खुद एक शिक्षक हैं, मोर्चरी के बाहर अपने जवान बेटे के लिए बिलखते रहे। अनिल अपने पीछे दो मासूम बेटियों को छोड़ गया है, जिनमें से एक की उम्र महज डेढ़ महीना है।
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पुलिस की कार्रवाई: पति-पत्नी हिरासत में
बांसवाड़ा एसपी सुधीर जोशी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए हैं। मुख्य आरोपी सिद्धार्थ (कनिष्ठ लिपिक) और उसकी पत्नी लक्ष्मी को पुलिस ने डिटेन कर लिया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें दबिश दे रही हैं।



