यूरोप: यूरोप का शक्तिशाली एरियन 6 रॉकेट अंतरिक्ष मिशनों के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने की तैयारी में है। यह रॉकेट अमेजन के 36 इंटरनेट सैटेलाइट्स को पृथ्वी की निचली कक्षा में पहुंचाने वाला है। खास बात यह है कि यह मिशन एरियन लॉन्चर के इतिहास का सबसे भारी पेलोड मिशन माना जा रहा है। यह प्रक्षेपण फ्रेंच गुयाना स्थित यूरोपीय स्पेसपोर्ट कौरू से किया जाएगा। मिशन का संचालन फ्रांसीसी लॉन्च सेवा प्रदाता एरियनस्पेस कर रही है। इस उड़ान के जरिए न केवल अमेजन अपने सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क का विस्तार करेगा, बल्कि यूरोप भी अपने नए हैवी-लिफ्ट रॉकेट की क्षमता का प्रदर्शन करेगा।
लॉन्च किए जाने वाले सभी 36 सैटेलाइट्स अमेजन के प्रोजेक्ट कुइपर का हिस्सा हैं, जिसे अब अमेज़न लियो नाम से भी जाना जाता है। यह परियोजना दुनिया भर में हाई-स्पीड इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित की जा रही है। अमेजन की योजना आने वाले वर्षों में 3,200 से अधिक सैटेलाइट्स को कक्षा में स्थापित करने की है। हालांकि इस क्षेत्र में अमेजन को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स का स्टारलिंक नेटवर्क वर्तमान में 10,500 से अधिक सक्रिय सैटेलाइट्स के साथ इस बाजार में अग्रणी बना हुआ है। ऐसे में प्रोजेक्ट कुइपर को स्टारलिंक का प्रमुख प्रतिद्वंद्वी माना जा रहा है।
यह मिशन अमेज़न लियो कार्यक्रम का 14वां लॉन्च होगा और एरियन 6 के जरिए भेजा जाने वाला अब तक का सबसे बड़ा कुइपर सैटेलाइट समूह भी होगा। इससे पहले एरियन 6 की दो उड़ानों में 32-32 सैटेलाइट्स भेजे गए थे। इस मिशन की एक और विशेषता एरियन 6 का अपग्रेडेड संस्करण है। पहली बार इसमें P160C सॉलिड रॉकेट बूस्टर का उपयोग किया जा रहा है, जिससे इसकी पेलोड क्षमता में दो टन से अधिक की वृद्धि हुई है। इससे भविष्य में वैज्ञानिक, व्यावसायिक और खोज संबंधी मिशनों को और अधिक ताकत मिलेगी।
योजना के अनुसार, सैटेलाइट्स को पृथ्वी से लगभग 465 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थापित किया जाएगा। यदि मिशन सफल रहता है, तो सभी 36 सैटेलाइट्स लॉन्च के लगभग 1 घंटा 51 मिनट बाद निर्धारित कक्षा में पहुंच जाएंगे। यह उड़ान एरियन 6 की बढ़ती क्षमता और वैश्विक लॉन्च बाजार में यूरोप की महत्वाकांक्षाओं का महत्वपूर्ण प्रदर्शन मानी जा रही है।



