नई दिल्ली। संसद के विशेष सत्र से पहले महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Derek O’Brien ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने की पहल के पीछे एक छिपा हुआ राजनीतिक उद्देश्य हो सकता है। उनका दावा है कि इस कदम के जरिए परिसीमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
ओ’ब्रायन की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब संसद में तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है। इस सत्र में महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक के साथ-साथ परिसीमन से संबंधित प्रस्तावों पर भी चर्चा होने की संभावना है। उन्होंने अपने बयान में यह संकेत दिया कि सरकार की प्राथमिकता महिलाओं को सशक्त बनाना नहीं, बल्कि राजनीतिक समीकरणों को बदलना हो सकती है।
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तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी बात रखते हुए पार्टी प्रमुख Mamata Banerjee का एक पुराना वीडियो भी साझा किया। इस वीडियो में बनर्जी महिलाओं के लिए राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की अपनी पुरानी मांग को दोहराती नजर आती हैं। ओ’ब्रायन ने इस उदाहरण के जरिए यह बताने की कोशिश की कि उनकी पार्टी लंबे समय से महिला आरक्षण की समर्थक रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल ने अतीत में महिलाओं के मुद्दों को प्राथमिकता नहीं दी और अब अचानक इस विषय को आगे बढ़ाया जा रहा है। उनके अनुसार, महिला आरक्षण को एक औजार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि परिसीमन जैसे संवेदनशील मुद्दे को लागू किया जा सके।
गौरतलब है कि प्रस्तावित विधेयक के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। साथ ही, लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाने और परिसीमन आयोग के गठन से जुड़े विधेयकों को भी पेश किए जाने की तैयारी है।
इन प्रस्तावों को लेकर विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच टकराव की स्थिति बनती दिख रही है। आने वाले दिनों में संसद में इस मुद्दे पर व्यापक बहस और राजनीतिक खींचतान देखने को मिल सकती है।



