Ashok Gehlot On Rajasthan Vidhan Sabha Bomb Threat: राजस्थान विधानसभा को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने कानून व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा, उन्होंने कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था का मजाक बन रहा है. गहलोत ने आरोप लगाया कि ‘अपराधियों के मन से कानून का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है. पुलिस के अनुसार राजस्थान विधानसभा को शुक्रवार को ईमेल के जरिए बम धमकी मिली थी. इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत परिसर की गहन तलाशी ली, हालांकि कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली.
‘लोकतंत्र के मंदिर को बार-बार निशाना बनाना बेहद गंभीर मामला’
गहलोत ने बयान में कहा, ‘राजस्थान की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का जिस तरह से मजाक बन रहा है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. राजस्थान विधानसभा को फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलना कोई सामान्य बात नहीं है. अभी कुछ ही दिन पहले भी ऐसी धमकी मिली थी. उन्होंने कहा, विधानसभा जैसे लोकतंत्र के मंदिर को बार-बार निशाना बनाया जाना यह बताता है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं और उनके मन से कानून का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है.’
राजस्थान की कानून व्यवस्था और सुरक्षा का जिस तरह से मज़ाक बन रहा है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। राजस्थान विधानसभा को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलना कोई सामान्य बात नहीं है। अभी कुछ ही दिन पहले भी ऐसी धमकी मिली थी। बार-बार विधानसभा जैसे लोकतंत्र के मंदिर को निशाना बनाया…
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) April 24, 2026
‘स्वयं मुख्यमंत्री को कई बार धमकी मिल चुकी’
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘स्वयं मुख्यमंत्री को कई बार धमकी मिल चुकी है. मुख्यमंत्री केवल एक पार्टी के नहीं, बल्कि सभी के हैं, इसलिए उन्हें इस तरह धमकी मिलना सभी के लिए चिंता का विषय है.’ उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय, जिलाधिकारी कार्यालय और अन्य सरकारी कार्यालयों को मिल रही धमकियां जनता के मन में असुरक्षा का भाव पैदा कर रही हैं.
‘करीब 6 महीने से इस तरह का सिलसिला जारी है’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘जब विधानसभा, उच्च न्यायालय और जिलाधिकारी कार्यालय जैसे अति संवेदनशील स्थानों एवं मुख्यमंत्री जैसी प्रमुख हस्ती को अपराधी सरेआम चुनौती दे रहे हों तो आम जनता की सुरक्षा का क्या हाल होगा, यह समझा जा सकता है.’
उन्होंने कहा, ‘करीब 6 महीने से इस तरह का सिलसिला जारी है, लेकिन अभी तक मुख्य अपराधी पुलिस की पहुंच से दूर हैं. यह स्थिति दर्शाती है कि सुरक्षा एजेंसियां और सरकार इस नेटवर्क को तोड़ने में सफल नहीं हो पा रही हैं.’
मुख्यमंत्री को खुद लेना चाहिए संज्ञान
पूर्व सीएम गहलोत ने आगे कहा, ‘मुख्यमंत्री को स्वयं इस पर संज्ञान लेना चाहिए और पुलिस प्रशासन को सख्त हिदायत देनी चाहिए कि इन धमकियों के पीछे जो भी लोग हैं, उन्हें तुरंत सलाखों के पीछे भेजा जाए ताकि जनता के बीच सुरक्षा का भरोसा फिर से बहाल हो सके.’



