Ashok Gehlot On Mahesh Joshi Arrest: जेजेएम घोटाले में पूर्व मंत्री महेश जोशी की गिरफ्तारी पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सवाल उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने महेश जोशी की गिरफ्तारी को पूरी तरह अनैतिक और दुर्भावनापूर्ण और कानून के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के खिलाफ बताया है.
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने एसीबी की कार्यप्रणाली और सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा-‘जब नियम है कि पहले नोटिस देकर पूछताछ की जानी चाहिए. उसके बाद ही आवश्यकता होने पर गिरफ्तारी का अधिकार है, तब बिना किसी नोटिस या पूछताछ के सुबह 5 बजे सीधे गिरफ्तारी करना सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
श्री महेश जोशी की अनैतिक और दुर्भावनापूर्ण ढंग से की गई गिरफ्तारी की मैं कड़ी भर्त्सना करता हूँ।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) May 7, 2026
पूर्व मंत्री श्री महेश जोशी की एसीबी द्वारा गिरफ्तारी कानून के स्पष्ट दिशा-निर्देशों का उल्लंघन भी है। जब नियम है कि पहले नोटिस देकर पूछताछ की जानी चाहिए। उसके बाद ही आवश्यकता होने…
ACB पर दबाव में काम करने का लगाया आरोप
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि ‘मेरा हमेशा से ही मानना रहा है कि यदि किसी ने भ्रष्टाचार किया है तो उसे सजा मिलना सुनिश्चित होना चाहिए. पूरा प्रदेश जानता है कि राजस्थान में गांव-ढाणी से लेकर राजधानी तक भाजपा सरकार आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है और प्रदेश की जनता पूरी तरह से परेशान हो चुकी है. मेरा स्पष्ट आरोप है कि ACB पर वास्तविक मामलों में कार्रवाई न करने और राजनीतिक आधार पर कार्रवाई करने का दबाव है. आज महेश जोशी पर की गई कार्रवाई इसी का उदाहरण है.
गिरफ्तारी को बताया राजनीति से प्रेरित
उन्होंने आगे कहा कि महेश जोशी ने ईडी की कार्रवाई के दौरान भी पूरा सहयोग दिया था. उनकी पत्नी के गंभीर बीमार होने के बावजूद वे नोटिस मिलने पर ईडी की पूछताछ के लिए गए थे. उन्होंने हमेशा सरकारी एजेंसियों को पूरा सहयोग दिया है. ऐसे में एसीबी द्वारा बिना किसी पूछताछ के गिरफ्तारी केवल और केवल राजनीति से प्रेरित है. भाजपा सरकार कानूनी प्रक्रिया के उल्लंघन का एक नया तरीका अपना रही है. यह राजनीतिक दुर्भावना और सत्ता के दबाव में उठाया गया कदम है. हमें पूर्ण विश्वास है कि न्यायपालिका के समक्ष इस राजनीतिक प्रतिशोध का पर्दाफाश होगा.
क्या है पूरा मामला ?
गौरतलब है कि एसीबी ने गुरुवार सुबह JJM घोटाले में महेश जोशी को जयपुर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था. आरोप है कि गणपति ट्यूबवेल्स और श्याम ट्यूबवेल्स नामक कंपनियों ने इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर निविदा प्रक्रिया में जमा किए और PHED अधिकारियों से मिलीभगत करके करीब 960 करोड़ रुपए टेंडर हासिल किया. निविदा प्रक्रिया में एक विशेष शर्त से कंपनियों की पहचान उजागर हुई, जो अनुचित थी. इस पूरे घोटाले में पूर्व मंत्री पर शामिल होने का आरोप है.
11 मई तक रिमांड पर महेश जोशी
ACB ने महेश जोशी को अदालत में पेश कर 11 मई तक पुलिस रिमांड पर लिया है. इस मामले में ACB पूर्व एसीएस सुबोध अग्रवाल को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. और अब तक कुल 22 अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी FIR दर्ज की जा चुकी है. इनमें वित्तीय सलाहकार, चीफ इंजीनियर, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर लेवल के अफसर शामिल हैं.
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