West Bengal BJP New CM: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जीत के बाद BJP विधायक दल की आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में बैठक होगी. इस बैठक में औपचारिक रूप से विधायक दल के नेता का चुनाव किया जाएगा. भाजपा ने हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. उसने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके राजनीतिक करियर का बड़ा झटका देते हुए तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन को समाप्त कर दिया
भाजपा ने हालांकि मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी पसंद की आधिकारिक घोषणा नहीं की है लेकिन शुभेंदु अधिकारी राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण दो जीत हासिल करने के बाद इस दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं. अधिकारी ने नंदीग्राम सीट बरकरार रखी, जहां उन्होंने 2021 में बनर्जी को हराया था और अब उन्होंने वह भवानीपुर सीट भी तृणमूल सुप्रीमो के हाथ से छीन ली है, जिसे लंबे समय से उनका गढ़ माना जाता था.
9 मई का शपथ ग्रहण
राज्य की पहली भाजपा सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होगा. इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की संभावना है.
कभी ममता बनर्जी के थे सबसे करीबी सहयोगी
अधिकारी कभी बनर्जी के सबसे करीबी सहयोगियों में शामिल थे और ग्रामीण पश्चिम बंगाल में तृणमूल के संगठनात्मक विस्तार के प्रमुख सूत्रधार माने जाते थे. वह दिसंबर 2020 में भाजपा में शामिल हुए और राज्य में पार्टी के सबसे आक्रामक प्रचारकों में से एक बन गए. भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘तृणमूल के खिलाफ उनकी निरंतर राजनीतिक लड़ाई, संगठनात्मक पकड़ और ममता बनर्जी के खिलाफ चुनावी जीत ने उनकी दावेदारी मजबूत की है.
मुख्यमंत्री की दौड़ में ये नाम शामिल
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, भाजपा के भीतर भवानीपुर से अधिकारी की 15,000 से अधिक मतों के अंतर से जीत को बंगाल की राजनीति में प्रतीकात्मक और रणनीतिक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि, ऐसा नहीं है कि नेतृत्व की दौड़ में अन्य नाम शामिल नहीं है. भाजपा हलकों में जिन अन्य नामों पर चर्चा हो रही है, उनमें पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और पूर्व राज्यसभा सदस्य स्वपन दासगुप्ता शामिल हैं जिन्होंने रासबिहारी सीट से जीत दर्ज की है.
पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि दासगुप्ता एक बौद्धिक चेहरा हैं जो शासन और राजनीतिक संदेश के बीच संतुलन बना सकते हैं. वहीं, भट्टाचार्य को महत्वपूर्ण चुनावी दौर में संगठन का नेतृत्व करने का श्रेय दिया जा रहा है. हालांकि, भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि अंतिम फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा.
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