Monday, May 18, 2026
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अमित शाह ने ‘डायल 112’ की चार सौ गाड़ियों और 33 मोबाइल फॉरेंसिक प्रयोगशाला को दिखाई हरी झंडी

अमित शाह ने रायपुर में ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112’ सेवा के तहत 400 आपातकालीन वाहनों को हरी झंडी दिखाई और 33 मोबाइल फॉरेंसिक लैब की शुरुआत की। नई व्यवस्था से पुलिस, एंबुलेंस, दमकल, महिला और चाइल्ड हेल्पलाइन जैसी सेवाएं एक मंच पर मिलेंगी। जीपीएस और रियल टाइम मॉनिटरिंग से आपात प्रतिक्रिया तेज होगी। अब डायल-112 सेवा छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों तक विस्तारित की जाएगी।

Amit Shah Raipur Visit : रायपुर। केंद्रीय गृह अमित शाह (Amit Shah) ने सोमवार को रायपुर में छत्तीसगढ़ की आपात प्रतिक्रिया व्यवस्था को नई मजबूती देते हुए ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112’ सेवा के तहत 400 अत्याधुनिक वाहनों को हरी झंडी दिखाई। इसके साथ ही उन्होंने 33 मोबाइल फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं की भी शुरुआत की, जिससे राज्य में अपराध जांच और आपात सेवाओं की क्षमता पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी।

रायपुर दौरे पर अमित शाह ने दी बड़ी सौगात

केंद्रीय गृह मंत्री रविवार देर शाम तीन दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंचे। अपने दौरे के दौरान वह कई सरकारी और प्रशासनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। साथ ही बस्तर क्षेत्र में आयोजित केंद्रीय क्षेत्रीय परिषद की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे। सरकार के अनुसार, ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112’ तकनीक आधारित सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस सेवा के जरिए पुलिस, दमकल, एंबुलेंस, महिला हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन और आपदा प्रबंधन जैसी सुविधाओं को एक ही मंच पर जोड़ा गया है, ताकि लोगों को संकट की स्थिति में तेज और प्रभावी मदद मिल सके।

अधिकारियों ने बताया कि नयी व्यवस्था के माध्यम से अपराध नियंत्रण, महिला एवं बाल सुरक्षा, सड़क दुर्घटना प्रतिक्रिया, चिकित्सकीय सहायता तथा जन-संकट की परिस्थितियों में और अधिक प्रभावी सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में संचालित ‘डायल 112’ सेवा 2018 से अब तक लाखों नागरिकों को आपात परिस्थितियों में सहायता प्रदान कर चुकी है तथा वर्तमान में इसकी सेवाएं 16 जिलों तक सीमित थी अब यह प्रदेश के सभी 33 जिलों तक विस्तारित हो जायेगी।

अधिकारियों ने बताया कि देश के तीन नए आपराधिक कानूनों के प्रावधानों के तहत फॉरेंसिक विज्ञान एक बहुत ही महत्वपूर्ण पहलू बन गया है, क्योंकि सात साल से अधिक की सजा वाले अपराधों में फॉरेंसिक जांच अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 33 मोबाइल फॉरेंसिक प्रयोगशाला उपलब्ध होने से अब हर जिले में पूरी तरह से सुसज्जित प्रयोगशाला उपलब्ध होंगी।

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Mukesh Kumar
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