LNG Export Project 2026: भारत की प्रमुख बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) को अर्जेंटीना की पहली तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) निर्यात परियोजना के लिए 10 वर्षों का महत्वपूर्ण समुद्री सेवाओं का कॉन्ट्रैक्ट मिला है. इस उपलब्धि के साथ कंपनी ने दक्षिण अमेरिका के बाजार में औपचारिक रूप से प्रवेश कर लिया है और अपने वैश्विक समुद्री कारोबार का दायरा और मजबूत किया है.
APSEZ और FZCO को संयुक्त रूप से मिला कॉन्ट्रैक्ट
कंपनी की ओर से जारी बयान के अनुसार, यह कॉन्ट्रैक्ट APSEZ की स्टेप-डाउन सहायक कंपनी अडानी हार्बर इंटरनेशनल FZCO को अर्जेंटीना के मेरिडियन ग्रुप के साथ संयुक्त रूप से मिला है. यह ठेका सदर्न एनर्जी एसए (सेसा) द्वारा आयोजित ग्लोबल कंपीटिटिव टेंडर प्रक्रिया के बाद मिला है. कंपनी का कहना है कि यह कॉन्ट्रैक्ट अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में उसकी उपस्थिति को और मजबूत करेगा. साथ ही यह जटिल समुद्री परिचालन और विशेषीकृत मरीन सेवाओं में कंपनी की बढ़ती विशेषज्ञता को भी दर्शाता है.
अडानी पोर्ट्स के CEO ने कही ये बात
APSEZ के पूर्णकालिक निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अश्वनी गुप्ता ने कहा कि कंपनी वर्तमान में 12 देशों में समुद्री परिचालन से जुड़ी हुई है और बंदरगाहों, LNG टर्मिनलों, राष्ट्रीय तेल कंपनियों, रिफाइनरियों तथा ऑफशोर लॉजिस्टिक्स को सेवाएं प्रदान कर रही है. उन्होंने कहा कि मजबूत स्थानीय साझेदारियों के साथ कंपनी वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए भरोसेमंद समुद्री तंत्र विकसित करने की दिशा में काम कर रही है.
भारत के लिए भी अहम है यह परियोजना
ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों के अनुसार अर्जेंटीना आने वाले वर्षों में दुनिया के प्रमुख LNG निर्यातकों में शामिल हो सकता है. जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2027 से भारत को प्रतिवर्ष लगभग 1 करोड़ टन LNG निर्यात करने के लिए समझौते किए जा चुके हैं. ऐसे में सदर्न एनर्जी की फ्लोटिंग LNG (FLNG) परियोजना वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
अडानी पोर्ट्स के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि
यह परियोजना SESA द्वारा विकसित की जा रही है, जो गोलार एलएनजी और पैन अमेरिकन एनर्जी (पीएई) के बीच एक संयुक्त उद्यम है. कंपनी के अनुसार, इस कॉन्ट्रैक्ट का संचालन मेरिडियन ट्रांसपोर्टेस मैरिटिमोस एसए के माध्यम से किया जाएगा, जो अडानी हार्बर इंटरनेशनल FZCO और मेरिडियन ग्रुप के बीच 51:49 हिस्सेदारी वाला संयुक्त उद्यम है. इस सौदे को अडानी पोर्ट्स के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जो कंपनी को अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा और समुद्री लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में नई मजबूती प्रदान करेगा.
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