Ajay Rai FIR : महोबा/लखनऊ। अजय राय (Ajay Rai) की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अजय राय, कांग्रेस नेता बृजराज अहिरवार और 25-30 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ महोबा कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक, अजय राय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी करने, बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित करने और रास्ता जाम करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बताया जा रहा है कि अजय राय शुक्रवार को महोबा दौरे पर पहुंचे थे। अधिवक्ता नीरज रावत की शिकायत के आधार पर दर्ज एफआईआर में आरोप है कि बृजराज अहिरवार ने समद नगर में समर्थकों के साथ बिना प्रशासनिक अनुमति कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें अजय राय को मुख्य रूप से बुलाया गया था। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में समर्थकों और वाहनों की मौजूदगी से इलाके में यातायात प्रभावित होने की बात भी कही गई है।
शिकायत के मुताबिक, अजय राय 15-16 वाहनों के काफिले और 25-30 समर्थकों के साथ कार्यक्रम में पहुंचे। वाहनों को अव्यवस्थित ढंग से खड़ा किए जाने से आम रास्ता अवरुद्ध हो गया। पुलिस ने बताया कि आवागमन सुचारु बनाए रखने और शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा, जिससे सरकारी कार्यों के निर्वहन में बाधा उत्पन्न हुई। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 126(2) (अवरोध उत्पन्न करना), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान), 196(1) (धर्म, जाति, भाषा और क्षेत्र के आधार पर समूहों के बीच वैमनस्य फैलाना), 189(2) (गैरकानूनी सभा) और 132 (लोकसेवक को कर्तव्य पालन से रोकना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कार्यक्रम के दौरान अजय राय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। आरोप है कि वीडियो से समाज में जातीय विद्वेष और आम लोगों में आक्रोश फैला है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने भी इस पर नाराजगी जताई है। दूसरी ओर, अजय राय ने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को राजनीतिक साजिश करार दिया है। उन्होंने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा कि इस मामले का इस्तेमाल महोबा में एक दलित लड़की के साथ कथित यौन उत्पीड़न की घटना से ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है। राय ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर उन्हें पीड़िता के परिवार से मिलने से रोकने की कोशिश की। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके कथित बयान वाला वीडियो “एआई-जनरेटेड” है और इसे मामले को दबाने के उद्देश्य से प्रसारित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि उनके खिलाफ “सैकड़ों प्राथमिकी” भी दर्ज की जाएं, तब भी वे इस मुद्दे को उठाते रहेंगे।
इस मामले के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तर प्रदेश इकाई के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी सहित कई नेताओं ने राय के बयान की निंदा की। वहीं, वाराणसी के पिंडरा से भाजपा विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने अजय राय पर तीखा हमला बोलते हुए इसे लोकतंत्र के लिए “काला दिन” बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में काशी का ऐतिहासिक विकास हुआ है और उनकी योजनाओं से गरीबों को व्यापक लाभ मिला है, ऐसे जननेता का अपमान पूरे देश का अपमान है।



