INDIA Alliance Meeting : नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस सप्ताह की शुरुआत में ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं से कहा था कि लोगों के बीच व्याप्त गुस्से को देखते हुए अगला आम चुनाव ‘पहले ही जीता जा चुका है’, लेकिन मुख्य समस्या यह है कि जीतने के लिए कोई स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव ही नहीं होगा। उन्होंने ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के नेताओं की सोमवार को हुई बैठक में गठबंधन के नेताओं से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि ‘‘अगर हम एकजुट होकर मुकाबला करें’’ तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराना आसान है।
तालमेल नहीं है और वे मिलकर काम नहीं करते : राहुल गांधी
गांधी ने विपक्षी दलों से आह्वान किया कि वे इस सोच को त्यागें कि उनमें तालमेल नहीं है और वे मिलकर काम नहीं करते। उन्होंने कहा, ये सब वे विचार हैं, जिन्हें भाजपा बढ़ावा दे रही है। यह सच नहीं है-मुझे सौ फीसदी भरोसा है, और मैं इस समय द्रमुक के लिए गारंटी दे सकता हूं। जब ‘आइडिया ऑफ इंडिया’ (भारत की मूल भावना) की रक्षा करने की बात आएगी, तो इस कमरे में मौजूद हर एक व्यक्ति साथ खड़ा होगा। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने सोमवार को हुई ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक का बहिष्कार किया था, क्योंकि कांग्रेस ने तमिलनाडु में उसके साथ गठबंधन तोड़कर तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के साथ हाथ मिला लिया था।
गांधी ने वाम दलों सहित अन्य सहयोगियों की आलोचना का जवाब देते हुए ‘नीलकंठ’ (भगवान शिव) का जिक्र किया, जिन्होंने सृष्टि के कल्याण के लिए विषपान किया था। उन्होंने कहा कि उनकी खुद की या उनकी पार्टी की जो भी आलोचना होगी, उसे वे मुस्कुराते हुए स्वीकार करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भारत के अन्य सभी राजनीतिक दलों से मूल रूप से अलग तरीके से संगठित है, क्योंकि इसकी शुरुआत उस समय एक प्रतिरोध आंदोलन के रूप में हुई थी जब आधुनिक भारत अस्तित्व में नहीं था। गांधी ने कहा, अन्य सभी राजनीतिक दलों के विपरीत, इसका गठन भारत राष्ट्र के ढांचे और संरक्षण के तहत नहीं हुआ था। कांग्रेस पार्टी एक प्रतिरोध आंदोलन है जो इस विचार की रक्षा करती है कि सभी भारतीय समान हैं।
हमारे सिर काट दो, लेकिन हम आरएसएस के सामने नहीं झुकेंगे : राहुल गांधी
लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि कांग्रेस मूल रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की सोच के ख़िलाफ़ है। उन्होंने कहा, हम मर जाएंगे- कांग्रेस पार्टी में रहते हुए ही मर जाएंगे- लेकिन भाजपा या आरएसएस का साथ नहीं देंगे और न ही उनसे कोई समझौता करेंगे। ऐसा करने के लिए आपको हमारे सिर काटने होंगे। मैं इस देश में ऐसे लाखों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जानता हूं जो कहेंगे: हमारे सिर काट दो, लेकिन हम आरएसएस के सामने नहीं झुकेंगे। गांधी ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया हैंडल से नौ मिनट से अधिक समय का भाषण साझा किया, जो उन्होंने ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में दिया था। इस बैठक में गठबंधन के सहयोगियों ने भाजपा के खिलाफ एकजुट होने पर जोर दिया था।
‘इंडिया’ गठबंधन की सोमवार को हुई बैठक में घटक दलों के नेताओं ने सर्वसम्मति से चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (नीट) और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से जुड़े विवादों को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग करने और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) तथा ‘वोट लूट’ के मामले में प्रधान न्यायाधीश को पत्र लिखने का फैसला किया। गांधी ने बैठक में अपने संबोधन में कहा, ‘‘आज कांग्रेस पार्टी के बारे में जो बातें कही गईं, उनका जवाब देना मेरा काम नहीं है। मेरा काम तो ‘शैव परंपरा’ की तरह सब कुछ पी जाना है। उस नीलकंठ (भगवान शिव) का विचार, जो सारा विष पी जाते हैं। आप और जो कुछ भी कहना चाहें, चाहे फिर मेरे बारे में हो या कांग्रेस पार्टी के बारे में, जो भी आलोचना करना चाहें हम उसे स्वीकार करेंगे। हम खुशी-खुशी, चेहरे पर मुस्कान के साथ उसे स्वीकार करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हम आपको संतुष्ट रखने की कोशिश करेंगे, क्योंकि हमारी भूमिका मौलिक रूप से आपकी भूमिका से अलग है। मैं यह बात किसी अहंकार के साथ नहीं कह रहा हूं। हमारी भूमिका, जैसा कि आपमें से कई लोगों ने कहा है, आप सभी को प्यार और स्नेह के साथ एक सूत्र में बांधने की है।
चुनाव आयोग भाजपा के नियंत्रण में : राहुल
गांधी ने कहा कि विपक्षी समूह में भ्रम है, समाजवादी पार्टी (सपा), तृणमूल कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) जैसे दलों को लगता है कि उन्होंने अब तक जिन राजनीतिक तरीकों का इस्तेमाल किया है, वे आगे भी प्रभावी होंगी। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि ये तभी काम कर पाए जब उन्हें काम करने के लिए समान अवसर दिए गए, लेकिन अब ऐसा माहौल नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा देश की संस्थाओं, विधि प्रणाली, नौकरशाही, खुफिया एजेंसियों और यहां तक कि निर्वाचन आयोग को नियंत्रित करती है। गांधी ने कहा, तृणमूल में मेरे कई मित्र हैं। उन्हें पक्का यकीन था कि वे चुनाव में बड़ी जीत हासिल करेंगे। मैं उनसे कहता रहा, आप ख्याली दुनिया में जी रहे हैं। मैंने देखा है कि क्या होता है। मैंने यह गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा और महाराष्ट्र में देखा है। और फिर भी, आपमें से कई लोग अब भी मानने को तैयार नहीं हैं।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ममता जी को शत प्रतिशत यकीन नहीं है, लेकिन उन्हें लगभग 90 प्रतिशत यकीन है कि उनके चुनाव की चोरी हुई है। (शिवसेना-उबाठा अध्यक्ष) उद्धव जी को 40 प्रतिशत यकीन है कि उनके चुनाव की चोरी हुई है। मेरे भाई (राजद नेता) तेजस्वी जी को 40 प्रतिशत यकीन है। सुनिए… शत प्रतिशत चुनाव की चोरी हो रही है। इसलिए कृपया अपने मन की आशंका को निकाल दें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस प्रतिरोध की पार्टी है। गांधी ने कहा कि उनकी सहयोगियों के साथ लड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं है। गांधी ने कहा, कृपया समझें। हमने 2024 का पिछला चुनाव जीता था। हम 2024 का चुनाव हारे नहीं थे। आप पूछते हैं कि (जनता दल यूनाइटेड नेता) नीतीश जी क्यों चले गए? तो इसकी वजह मैं नहीं था, न ही कांग्रेस थी।
वे कुछ गिने-चुने तौर-तरीके भी काम करना बंद कर देंगे : राहुल
गांधी ने दावा किया कि निकट भविष्य में, वे कुछ गिने-चुने तौर-तरीके भी काम करना बंद कर देंगे, जो अब तक काम करते आ रहे थे, क्योंकि भाजपा और आरएसएस भारतीय राज्य व्यवस्था पर अपनी पकड़ और मजबूत करते जा रहे हैं। उन्होंने कहा, अगर राजनीतिक दल काम नहीं कर सकते हैं, तो फिर क्या काम करेगा? प्रतिरोध काम करता है। प्रतिरोध असरदार होता है। जहां भी हम विरोध करते हैं, उसका असर होता है। मैंने इसे अपनी आंखों से देखा है। मैंने इस देश में 4,000 किलोमीटर की पदयात्रा की है-प्रतिरोध काम करता है। गांधी ने कहा कि दलों की सोच अब यह होनी चाहिए, ‘‘हम आपस में नहीं लड़ेंगे और मीडिया को हम पर हमला करने का मौका नहीं देंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आप सोच रहे हैं कि चुनौती अगला चुनाव जीतना है। अगला चुनाव तो पहले ही जीता जा चुका है। कृपया समझें, भारत के लोगों में इतना आक्रोश है कि अगला चुनाव तो पहले ही खत्म हो चुका है। असली समस्या यह है कि आरएसएस ने भारतीय राज्य तंत्र पर कब्जा कर लिया है। समस्या यह है कि आपके पास जीतने के लिए कोई स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव ही नहीं होगा।’’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘और इसलिए हमें ‘प्रतिरोध’ के मोड में जाना होगा। सीबीएसई का मुद्दा प्रतिरोध है। नीट का मुद्दा प्रतिरोध है। ग्रेट निकोबार जाना प्रतिरोध है। भारत जोड़ो यात्रा प्रतिरोध है। आप सुबह उठिए और खुद से कहिए: मैं कैसे विरोध कर सकता हूं? और आप विरोध कीजिए। यही तरीका काम करेगा।’’ गांधी ने विपक्षी दलों से लचीला रुख अपनाने और यह समझने की अपील की कि उन पर ज़बरदस्त हमले हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों की चर्चाओं में अक्सर निराशा की झलक मिलती है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘‘लोग सोचते हैं: हे भगवान, हम भाजपा को कैसे हराएंगे? मैं आपको बताता हूं, अगर हम एकजुट होकर उनका मुकाबला करें, तो उन्हें हराना आसान है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पिछले चुनाव में, मेरे अलावा इस कमरे में किसी को भी यकीन नहीं था कि हम भाजपा को हरा सकते हैं। अब इस कमरे में मौजूद हर व्यक्ति को यह यकीन करना होगा कि हम उन्हें हराएंगे। अगर आप इस यकीन के साथ शुरुआत करें, तो मैं गारंटी देता हूं कि एक के बाद एक राज्य में, एक के बाद एक चुनाव में चाहे वे बेईमानी करें या न करें वे हारेंगे।’’



