Indian Ships Attack : वाशिंगटन। खाड़ी क्षेत्र में भारतीय चालक दल वाले वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों और तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने अमेरिका के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बातचीत कर इस मुद्दे पर भारत का सख्त विरोध दर्ज कराया और कहा कि वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ इस तरह की घातक सैन्य कार्रवाई किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
जयशंकर ने की रुबियो से बात
जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बातचीत के दौरान खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई पर भारत की गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इन हमलों में तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई, जो बेहद दुखद और चिंताजनक है। भारत ने स्पष्ट किया है कि निर्दोष नागरिकों और वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना उचित नहीं है।
इस सप्ताह ओमान तट के पास भारतीय चालक दल वाले तीन जहाजों पर हमले हुए थे। इनमें से एक हमले में बुधवार को तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद भारत ने नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी को तलब कर औपचारिक रूप से अपना विरोध दर्ज कराया और मामले को गंभीरता से उठाया।
होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे भारतीय जहाजों पर ईरान ने ड्रोन हमला किया : ट्रंप
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन घटनाओं के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे भारतीय जहाजों पर ईरान ने ड्रोन हमला किया, जिसे उन्होंने ‘‘पूरी तरह अस्वीकार्य’’ बताया। ट्रंप ने कहा कि ईरान को तुरंत अपने तौर-तरीकों में बदलाव करना चाहिए।
हालांकि, ईरान ने अमेरिकी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें ‘‘निराधार’’ बताया है। भारतीय जहाजों पर हुए हमलों को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं, जबकि भारत अपने नागरिकों और समुद्री व्यापार की सुरक्षा को लेकर लगातार सक्रिय कूटनीतिक प्रयास कर रहा है।



