Friday, April 17, 2026
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महिला आरक्षण कानून देशभर में लागू, आज लोकसभा में होगी वोटिंग, राहुल गांधी रखेंगे अपनी बात

Women Reservation Act 2023: लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने वाला कानून लागू हो गया है। केंद्र सरकार ने इससे जुड़े संशोधन विधेयक को सदन में पेश किया, जिस पर देर रात तक बहस हुई और आज वोटिंग होनी है। विपक्ष के नेता Rahul Gandhi इस पर अपनी बात रखेंगे।

Women Reservation Act 2023: लोकसभा में केंद्र सरकार ने गुरुवार को महिला आरक्षण बिल और परिसीमन बिल पेश किया, जिस पर सदन में देर रात तक बहस हुई. अब आज शाम 4 बजे महिला आरक्षण अधिनियम 2023 में संशोधन के लिए लाए विधेयक पर वोटिंग होगी. विधेयक पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सदन में अपनी बात रखेंगे.

वहीं लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था करने वाला महिला आरक्षण अधिनियम 2023 गुरुवार से लागू हो गया. केंद्रीय विधि मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना में यह जानकारी दी गई. हालांकि, यह तुरंत पता नहीं चल पाया है कि संसद में इस कानून में संशोधन करने और इसे 2029 में लागू करने पर जारी चर्चा के बीच 2023 के अधिनियम को 16 अप्रैल से प्रभावी क्यों अधिसूचित किया गया.

नोटिफिकेशन में क्या कहा गया ?

अधिसूचना के अनुसार, संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 की धारा 1 की सब सेक्शन (2) से प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केंद्र सरकार 16 अप्रैल, 2026 को वह तिथि घोषित करती है जिस दिन से उक्त अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे.

सितंबर 2023 में, संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया था, जिसे आमतौर पर महिला आरक्षण अधिनियम के रूप में जाना जाता है, जो विधायी निकायों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

इसमें क्या है प्रावधान ?

इस अधिनियम में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीट आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है. 2023 के कानून के तहत, आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता, क्योंकि यह 2027 की जनगणना के बाद परिसीमन प्रक्रिया के पूरा होने से जुड़ा हुआ है.

वर्तमान में लोकसभा में 3 विधेयकों पर चर्चा

लोकसभा में वर्तमान में जिन तीन विधेयकों पर चर्चा हो रही है, उन्हें सरकार द्वारा इसलिए लाया गया है. ताकि 2029 में महिला आरक्षण लागू किया जा सके. इस बीच, अधिकारियों ने कहा कि हालांकि अधिनियम लागू हो चुका है, लेकिन वर्तमान सदन में आरक्षण लागू नहीं किया जा सकता क्योंकि इसे अगली जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू किया जा सकता है.

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Premanshu Chaturvedi
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