Weather Update: गंगा के मैदानी इलाकों के उत्तरी हिस्से, पूर्वी तटीय राज्यों, पश्चिमी राज्यों गुजरात और महाराष्ट्र और आस-पास के इलाकों में इस साल भीषण गर्मी पड़ेगी. इसके साथ ही मौसम विभाग ने कहा है कि इन क्षेत्रों में सामान्य से अधिक दिनों तक लू चलेगी. इसको लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है.
IMD के महानिदेशक ने कही ये बात
IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि कुछ ऐसे इलाके हैं, जहां हर साल अत्यधिक गर्मी पड़ने की आशंका बनी रहती है. जहां तापमान सामान्यतया 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाता है. उदाहरण के लिए महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में साल के इस समय सामान्य तापमान 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है. इसी तरह उत्तर प्रदेश और हरियाणा में मई आने तक सामान्य तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है.’इसलिए हमें अधिक तापमान वाले ऐसे दिनों के लिए तैयार रहना चाहिए.’
मौसम विभाग ने कहा कि अप्रैल से जून के बीच हीटवेव की स्थिति कई इलाकों में बन सकती है. खासकर पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्सों,ओडिशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में इसका असर अधिक रहेगा. इसके अलावा बिहार, झारखंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी लू चलने की आशंका है.
लू को लेकर IMD लगातार कर रहा अलर्ट
मौसम विभाग इसको लेकर लोगों को लगातार अलर्ट करने का प्रयास कर रहा है. विभाग रेहड़ी-पटरी वालों और खेतों में काम करने वाले मजदूरों समेत खुले में रहने वाले लोगों तक जानकारी पहुंचाने के लिए ‘व्हाट्सएप’ समूह बनाए हैं. इसके अलावा सूचना पट भी लगाए गए हैं, जिन पर गर्मी की स्थिति और उससे बचाव के लिए किए जा सकने वाले उपायों की जानकारी दी जाती है. इसके अलावा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) केकॉमन अलर्ट प्रोटोकॉल के द्वारा भी मोबाइल पर भी चेतावनी दी जा रही है.’
महापात्रा के मुताबिक, हर साल खासकर अप्रैल और मई तथा मानसून से पहले जून में तापमान अधिक रहने की संभावना रहती है लेकिन साल-दर-साल इसमें कुछ अंतर हो सकता है. तापमान में सालाना और रोजाना होने वाले उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए आईएमडी एक मौसम पहले ही लू का पूर्वानुमान जारी कर देता है.
गर्मी के महीनों में हर दिन जिला स्तर पर 7 दिन की चेतावनी भी जारी की जाती है. IMD ने फरवरी के अंत तक मार्च, अप्रैल और मई के लिए लू और गर्मियों के तापमान का पहला पूर्वानुमान जारी किया था. बाद में मार्च के आखिरी दिन अप्रैल, मई और जून के लिए इसे अपडेट किया गया.
इन राज्यों में लू का असर ज्यादा
पूर्वानुमान के अनुसार, अप्रैल से जून के बीच कई स्थानों पर लू की स्थिति बन सकती है. खासकर पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्सों, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और उनसे लगे छत्तीसगढ़ तथा तेलंगाना जैसे पूर्वी क्षेत्रों में इसका ज्यादा असर रहने की संभावना है.
मौसम विभाग ने बताया कि हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों वाले गंगा के मैदानी इलाकों के उत्तरी हिस्से में भी लू चलने की आशंका है. इसके अलावा राजस्थान और मध्य प्रदेश के दक्षिणी हिस्से, गुजरात के कुछ इलाके और उत्तरी महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में लू का असर देखने को मिल सकता है.



